एक फोन कॉल से कुमार विश्वास के किस इरादे को भांप गए थे अरविंद केजरीवाल
आम आदमी पार्टी के कई बड़े नेताओं ने अरविंद केजरीवाल से कहा था कि वो कुमार विश्वास को पार्टी से निकाल दें लेकिन दिल्ली के सीएम ने मामले में बातचीत का रुख किया। इसका फायदा भी हुआ।
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी में भले ही हालात अभी कुछ शांत हों लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि कुमार विश्वास वाले प्रकरण के दौरान पार्टी में काफी हंगामा मचा हुआ था। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल खुद जानते हैं कि पार्टी के किसी विधायक ने या फिर आम आदमी पार्टी से जुड़े किसी सदस्य ने 30 अप्रैल को कुमार विश्वास से फोन पर बात की थी।

कुमार विश्वास प्रकरण को लेकर सामने आ रही चौंकाने वाली बातें
आम आदमी पार्टी के नेता की फोन पर बातचीत से अरविंद केजरीवाल कुमार विश्वास के इरादों को भांप गए थे। उन्हें ऐसी खबरें मिली थी कि जाने-माने हिंदी कवि कुमार विश्वास पार्टी पर कब्जे के लिए तैयार थे। आम आदमी पार्टी के एक नेता की ओर से किए गए फोन पर बातचीत को केजरीवाल ने भी सुना जिसमें कुमार विश्वास कह रहे थे कि वो अरविंद केजरीवाल को आम आदमी पार्टी के संयोजक पद से हटाना चाह रहे। उन्होंने ये भी बताया था कि कपिल मिश्रा समेत 33 विधायक और पार्टी के नेता उनके साथ जुड़ने को तैयार थे।
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को पहले ही इस तरह की अफवाहों का आभास हो गया था। आम आदमी पार्टी के कई बड़े नेताओं ने अरविंद केजरीवाल से कहा था कि वो कुमार विश्वास को पार्टी से निकाल दें लेकिन दिल्ली के सीएम ने मामले में बातचीत का रुख किया। इसका फायदा भी हुआ। कुमार विश्वास को पार्टी में जहां वो रोकने में सफल रहे वहीं उन्हें राजस्थान का प्रभारी बनाकर एक अहम जिम्मेदारी भी सौंप दी।
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने जहां अपनी सरकार में मंत्री रहे कपिल मिश्रा को पार्टी से निकालने में देर नहीं लगाई, वहीं कुमार विश्वास के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने के पीछे अहम वजह थी। दरअसल, कुमार विश्वास और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के बीच घरेलू तालुकात है। उनके परिवार काफी समय से एक दूसरे को जानते हैं। यही वजह है कि पार्टी नेताओं के कहने के बाद भी दिल्ली के सीएम ने कुमार विश्वास पर कोई कार्रवाई नहीं की।












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