'We Want JPC...,' अडानी विवाद के बीच विपक्षी सांसदों ने संसद से शुरू किया विरोध प्रदर्शन
जेपीसी की मांग को लेकर विपक्षी पार्टी के नेता मंगलवार को संसद भवन की पहली मंजिल पर जमा हो गए। यहां दर्जनों विपक्षी नेताओं ने हाथों में तख्तियां लहराते हुए 'हमें जेपीसी चाहिए'की मांग की।

Delhi: अडानी-हिंडनबर्ग विवाद पर सरकार के खिलाफ विरोध जारी रखने और जेपीसी की मांग को लेकर विपक्षी सांसद मंगलवार को संसद भवन की पहली मंजिल पर जमा हो गए। यहां दर्जनों विपक्षी नेताओं ने हाथों में तख्तियां लहराते और 'हमें जेपीसी चाहिए' के नारे लगाते हुए बैनर फहराया।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की संसद शाखा के बाहर किया प्रदर्शन
गौरतलब है कि यह विरोध स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की संसद शाखा के बाहर हुआ था, जो दो सार्वजनिक वित्तीय निकायों में से एक है। अडानी-हिंडनबर्ग विवाद के विषय पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर विपक्ष लगातार हमलावर है। विपक्ष ने आरोप लगाया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पार्टी ने ठेके देने में एक से अधिक बार अडानी समूह का पक्ष लिया था। पिछले हफ्ते कांग्रेस सहित एक दर्जन से अधिक दलों ने प्रवर्तन निदेशालय को पत्र लिखकर हिंडनबर्ग के दावों पर ध्यान देने का आग्रह किया।
संसद में विपक्ष के हंगामे का सिलसिला जारी
जनवरी के अंत में बजट सत्र शुरू होने के बाद से संसद हंगामे का सिलसिला जारी है। अडानी विवाद और कांग्रेस के राहुल गांधी (लोकतंत्र पर) की टिप्पणियों को लेकर भाजपा और विपक्षी सांसदों के बीच तकरार के बीच बैठकों को बार-बार स्थगित किया गया है। इस बीच मंगलवार सुबह दोनों सदनों में हंगामे के साथ शुरू हुआ, जिसके कारण कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। इस बार दोनों के नेताओं - लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने गतिरोध को हल करने के प्रयास के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई है।
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हाथ में बैनर लेकर लगाए नारे
दरअसल, दोनों सदनों की बैठक दो बजे तक के लिए स्थगित होने के बाद कुछ विपक्षी सांसद गलियारे में जमा हुए और 'वी वांट जेपीसी' के नारे लगाने लगे। उनके हाथों में एक बड़ा बैनर भी था जिसपर 'वी वांट जेपीसी (हमें जेपीसी चाहिए)' लिखा हुआ था। विपक्षी सदस्य संसद भवन के पहले फ्लोर के गलियारे में रैलिंग के नीचे इस बैनर को हाथों से पकड़कर प्रदर्शित करने लगे। इससे पहले, कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए आगे की रणनीति पर चर्चा की।












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