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Delhi Election 2025: दिल्ली में ये सीट जीत सकती है ओवैसी की पार्टी AIMIM? AAP को है बड़ा खतरा!

Delhi Election 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP), कांग्रेस और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम (AIMIM) के बीच मुस्लिम वोटों के लिए होड़ मची है। दिल्ली में मुस्लिम वोटर इस बार किसका साथ देंगे...सबका ध्यान उसी पर टिका है। ओवैसी की पार्टी AIMIM दिल्ली में इस बार दो सीटों ओखला और मुस्तफाबाद पर चुनाव लड़ रही है।

दिल्ली चुनाव में एआईएमआईएम के एंट्री और कांग्रेस की नई रणनीतियों से आम आदमी पार्टी को चुनैती मिल रही है। अरविंद केजरीवाल का नरम हिंदुत्व और विकास पर ध्यान केंद्रित करना उनके मुस्लिम वोटर को उनसे दूर भी कर सकता है। । कल्याणकारी योजनाओं और विकास बनाम धार्मिक कारकों के बीच संतुलन पर दिल्ली में इस बार मतदाताओं की राय अलग-अलग है। ऐसे में कहा जा रहा है कि AIMIM का दिल्ली की ओखला विधानसभा सीट पर इस बार पलड़ा भारी लग रहा है। जानें क्या है समीकरण?

Okhla Election 2025

Okhla Election 2025: ओखला विधानसभा सीट पर इस बार किसका पलड़ा भारी?

आम आदमी पार्टी (AAP) ने ओखला से फिर से अमानतुल्लाह खान पर भरोसा जताया है। बीजेपी ने ओखला से मनीष चौधरी और एआईएमआईएम ने दिल्ली दंगों के अभियुक्त और जेल में बंद शिफा-उर रहमान को मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने इस सीट से युवा महिला चेहरा अरीबा खान को टिकट दिया है। अरीबा खान पहले ओखला के अबुल फजल एन्क्लेव वार्ड से पार्षद हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो ओखला विधानसभा सीट पर इस बार आम आदमी पार्टी कमजोर नजर आ रही है। ओखला में इस बार टक्कर AIMIM और कांग्रेस में हो सकता है। आप के उम्मीदवार अमानतुल्लाह खान के खिलाफ इस बार ओखला की जनता में नाराजगी है।

हाल ही में अमानतुल्लाह खान के बेटे का बिना लाइसेंस और आरसी के दिल्ली पुलिस द्वारा पकड़े जाने को लेकर काफी विवाद हुआ था। उनकी आलोचना भी की गई थी। वहीं अमानतुल्लाह खान ने हाल ही में पत्रकारों के साथ भी बदतमीजी की है। वहीं इलाके के लोगों का कहना है कि ओखला में विकास की रफ्तार भी कम है।

आप के उम्मीदवार अमानतुल्लाह खान 2015 और 2020 से ओखला के विधायक हैं। 2015 के चुनाव में अमानतुल्लाह खान 64 हजार से ज्यादा वोटों से जीते थे। 2020 के चुनाव में अमानतुल्लाह खान 71 हजार 827 वोट से जीते थे।

ओखला विधानसभा सीट पर निर्णायक हैं मुस्लिम मतदाता

ओखला विधानसभा सीट पर 50 प्रतिशत से ज्यादा मुस्लिम वोटर हैं। यहां मुस्लिम मतदाता जीत में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। पिछले दो चुनावों में आप और भाजपा में कड़ा मुकाबला रहा है। लेकिन इस बार ओवैसी की चुनावी रैली में जुटी भीड़ को देखने के बाद कहा जा सकता है ओखला के वोटरों में उनकी लोकप्रियता बढ़ रही है।

अमानतुल्लाह खान को लेकर वोटर में बढ़ी नराजगी को लेकर ऐसा लग रहा है कि ये सीट उनके हाथ से खिसक सकती है। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ ओखला के शाहीन बाग में विरोध प्रदर्शन हुए थे। उस दौरान दिल्ली में 2020 के चुनाव में वोटरों ने आप पर भरोसा जताया था। लेकिन दिल्ली दंगों के बाद यहां वोटर का मिजाज बदल गया।

साल 2022 में हुए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) चुनाव में आप की जगह कांग्रेस को बढ़त मिली थी। ओखला विधानसभा में नगर निगम के 5 वार्ड में हुए चुनाव में आप सिर्फ एक सीट ही जीत पाई थी और कांगेस ने दो सीट जीती थी। वहीं भाजपा ने भी दो सीटों पर जीत दर्ज की थी।

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