सेंट्रल विस्टा में नहीं होगा कोई सेलुलर टावर, बिना परमिशन लगे टावरों पर 10 हजार का फाइन, NDMC की नई पॉलिसी
दिल्ली की खूबसूरती और कलाकृतियों को कायम रखने के लिए नई दिल्ली नगरपालिका परिषद ने नई पॉलिसी तैयार की है। जिसके तहत मोबाइल टावरों की सिमा तय की गई है। साथ ही वन टाइम परमिशन फीस भी बढ़ा दी गई है।
देश की राष्ट्रीय राजधानी के लुटियंस इलाके की खूबसूरती और कलाकृतियों को बरकरार रखने के लिए नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने नई गाइडलाइन जारी की है। जिसके तहत दिल्ली में संचार टावरों को स्थापित करने के दिशा निर्देश दिए गए हैं। जिसमें कहा गया कि सेंट्रल विस्टा पर कोई मोबाइल टावर नहीं लगाया जाना चाहिए। नई दिल्ली क्षेत्र की खूबसूरती को खराब नहीं करना चाहिए।
एनडीएमसी ने नई पॉलिसी के तहत सेलुलर और बेसिक टेलीकॉम ऑपरेटरों द्वारा परिसर के भीतर और परिषद के अधिकार क्षेत्र के तहत आने वाले क्षेत्र में छतों और जमीन पर संचार टावर लगाने के नियमों को संशोधित किया गया है। जिसमें कहा गया है कि टावर या एंटीना इस तरह से लगाए जाएं कि वे नई दिल्ली क्षेत्र की 'विरासत और खूबसूरती को खराब न करें।

बिना इजाजत लगे टावरों पर 10,000 प्रति माह जुर्माना
दिशानिदेश में यह भी कहा गया है कि इस नीति के जारी होने के बाद अनुमति के बिना लगाए गए टावरों पर प्रति माह 10,000 रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता है। पॉलिसी जारी होने से पहले मौजूद सेल्युलर टावरों के लिए टेलीकॉम कंपनी और सर्विस प्रोवाइडर पॉलिसी की अधिसूचना जारी होने के 30 दिनों के भीतर रेगुलराइजेशन के लिए अप्लाई कर सकते हैं।
अब 5 साल के लिए एकमुश्त अनुमति शुल्क को 2 लाख रुपए से बढ़ाकर 3 लाख रुपए कर दिया है। मासिक लाइसेंस शुल्क में कोई परिवर्तन नहीं किया गया था। साथ ही कहा गया है कि 292 रुपये प्रति वर्ग फुट का मासिक लाइसेंस शुल्क और न्यूनतम 50,000 रुपए का सर्विस टैक्स होगा।












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