MCD स्थायी समिति चुनाव, कोर्ट ने जवाब दायर करने के लिए दो हफ्ते का दिया समय
दिल्ली एमसीडी के स्थायी समिति के सदस्यों का दोबारा चुनाव कराए जाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर कोर्ट ने जवाब दायर करने के लिए दो हफ्ते का समय दिया।

दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की स्टैंडिंग कमेटी के सदस्यों के दोबारा कराए जाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने जवाब दायर करने के लिए दो हफ्ते का समय दिया है। 25 फरवरी को विशेष सुनवाई के दौरान कोर्ट ने फिर से चुनाव पर रोक लगा दी थी, जोकि 27 फरवरी 2023 को होना था। जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने बुधवार को इस याचिका पर सुनवाई करते हुए इसपर जवाब देने के लिए दो हफ्ते का समय दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ता को भी एक हफ्ते का समय दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 24 अप्रैल को होगी। कोर्ट ने नवनिर्वाचित मेयर शैली ओबरॉय सहित सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है।
कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि जबतक पहले कराए गए चुनाव के नतीजों को घोषित नहीं किया जाता है प्रथम दृष्टया दूसरी बार चुनाव कराना नियमों के खिलाफ है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि बैलेट बॉक्स को सुरक्षित रखा जाए। कोर्ट ने यह निर्देश भाजपा पार्षद शिखा राय और कमलजीत सहरावत की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया था। कोर्ट में जो याचिका दायर की गई थी उसमे महापौर द्वारा एमसीडी स्थायी समिति के चुनाव के दौरान एक वोट को अवैध घोषित कर दिया गया था, जिसे चुनौती दी गई थी। महापौर के फैसले के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिसपर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह फैसला दिया है।
बता दें कि मेयर शैली ओबरॉय ने 24 फरवरी को स्थायी समिति के चुनाव का आयोजन कराने के लिए 27 फरवरी की सुबह 11 बजे का समय दिया था। जिस तरह से एमसीडी हाउस में बवाल हुआ था उसे देखते हुए चुनाव की तारीख की घोषणा की गई थी। स्थायी समिति के 6 सदस्यों के चुनाव में महापौर ने एक वोट को अवैध घोषित कर दिया था। जिसके बाद आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों के बीच काफी मारपीट हुई थी।












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