दिल्ली में प्रदूषण को कम करने के लिए MCD ने उठाए कई बड़े कदम
दिल्ली प्रदूषण एक बड़ी समस्या बनी हुई है। इस बीच प्रदेश सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है ताकि प्रदूषण के स्तर को कम किया जा सके। एमसीडी की ओर से भी सोमवार को दिल्ली के प्रदूषण को कम करने के लिए अहम बैठक हुई।
दिल्ली की मेयर डॉक्टर शेली ओबरॉय ने बताया कि दिल्ली में दिवाली से पहले की सफ़ाई पर और वायु प्रदूषण के विरुद्ध MCD की जंग को और तेज़ करने के लिए सभी 12 Zones के डिप्टी कमिशनर के साथ मीटिंग की।

मीटिंग के दौरान कई जरूरी निर्देश दिए गए। जिसमे GRAP IV के नियम सख़्ती से लागू करने के निर्देश दिए। 12 Zones में 13 Hotspots पर 517 Surveillance Teams और Monitoring Teams लगाई हुई हैं। 1100 कर्मचारियों और अधिकारियों को नियुक्त किया। C&D और Open Burning पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
इसके साथ ही खुले में कूड़ा जलाने पर 25,000 रुपए का जुर्माना वसूला जाएगा। सीएंडडी का उल्लंघन करने पर 10 लाख रुपए तकका चालम किया जा सकता है। एमसीडी के 12 Zone में 20-20 लाख रुपए के फंड की मंजूरी दी गई है। सभी अधिकारी GROUND पर Water Sprinkler, Anti-Smog Guns, Jetting Machines के इस्तेमाल पर निगरानी रखेंगे।
बता दें कि दिल्ली में प्रदूषण को रोकने के दूसरे राज्यों से डीजल चलित बसों पर रोक लगा दी गई है, इसके साथ ही रेड लाइट ऑन इंजन ऑफ अभियान को चलाया जा रहा है। प्रदूषण नियंत्रण योजना के अंतिम चरण के तहत राज्य सरकार ने अगले आदेश तक 50% सरकारी कर्मचारियों के लिए 'घर से काम' नीति की घोषणा की।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, 27 अक्टूबर के बाद से दिल्ली के वायु गुणवत्ता सूचकांक में 200 अंक से अधिक की वृद्धि हुई है। 12 नवंबर, 2021 को 471 के पिछले उच्च स्तर के बाद से सबसे खराब वायु गुणवत्ता 3 नवंबर को दर्ज की गई थी, जो तब से है अपेक्षाकृत बेहतर हवा की गति के साथ सुधार हो रहा है।












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