Delhi: JNU के छात्रों और पुलिस में झड़प, हिरासत में कई स्टूडेंट, VC के दलितों पर बयान से भड़ा विवाद- Video
Delhi: गुरुवार को दिल्ली पुलिस ने Jawaharlal Nehru University (JNU) के कई छात्र प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। ये छात्र JNUSU के नेतृत्व में यूनिवर्सिटी की कुलपति शांतिश्री डी पंडित के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। मामला उनके एक कथित विवादित बयान से जुड़ा है, जिस पर कैंपस में लगातार विरोध हो रहा है।
पॉडकास्ट में बयान से मचा विवाद
छात्रों की मांग थी कि कुलपति 16 फरवरी को एक पॉडकास्ट में दलितों और अश्वेतों को लेकर दिए गए कथित विवादित बयान के लिए इस्तीफा दें। प्रदर्शनकारी चाहते थे कि उनकी शिकायत सीधे शिक्षा मंत्रालय तक पहुंचाई जाए। उनका कहना है कि इस तरह के बयान उच्च शिक्षा संस्थानों में बराबरी और संवेदनशीलता के माहौल को नुकसान पहुंचाते हैं।

शिक्षा मंत्रालय तक मार्च की कोशिश, और हंगामा
छात्रों ने JNU के साबरमती टी पॉइंट से शिक्षा मंत्रालय तक मार्च निकालने की योजना बनाई थी। लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने यूनिवर्सिटी का मुख्य गेट बंद कर दिया और बाहर भारी बैरिकेडिंग कर दी। प्रशासन की इस कार्रवाई का मकसद छात्रों को कैंपस से बाहर निकलने से रोकना था। इसके बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
ताले तोड़ने की कोशिश, फिर पुलिस से झड़प
गुस्साए छात्रों में JNUSU के साथ-साथ ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन (AISF), स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI), PDSU और नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) जैसे वामपंथी छात्र संगठन शामिल थे। प्रदर्शनकारी पोस्टर, झंडे और डॉ. बी. आर. अंबेडकर की तस्वीरें लिए हुए थे। उन्होंने बंद गेट के ताले पत्थरों से तोड़ने की कोशिश की।
ताले टूटने के बाद जब छात्र बैरिकेड पार करने लगे, तो पुलिस ने उन्हें रोका। इसी दौरान तीखी झड़प हुई और पुलिस व सुरक्षाबलों ने कई छात्रों को हिरासत में ले लिया।
हिरासत के दौरान छात्रों का फूटा गुस्सा
हिरासत में लिए गए छात्रों ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कैंपस को बंद कर उनके विरोध के अधिकार को दबाने की कोशिश की। उनका कहना है कि वे अपनी शैक्षणिक और संस्थागत मांगों को लेकर शांतिपूर्ण मार्च कर रहे थे।
एक छात्र ने गुस्से में कहा, 'आपने यूनिवर्सिटी को बंद करने की हिम्मत कैसे की? आपको शर्म आनी चाहिए। आप हमें अपने अधिकारों के लिए मार्च भी नहीं करने देते। गुंडे आज़ाद घूम रहे हैं, जबकि हम छात्र अपने यूनिवर्सिटीों और शिक्षा के लिए मार्च कर रहे हैं, हमारे साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है। हमें पीटा गया और हिरासत में लिया गया है।'
पहले भी हुआ था टकराव
गौरतलब है कि इससे पहले सोमवार को JNU में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और वामपंथी छात्र संगठनों के बीच कथित झड़प हुई थी, जिसमें कई छात्र घायल हुए थे। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया था।
ABVP के राज्य संयुक्त सचिव विकास पटेल ने ANI से कहा कि वामपंथी संगठनों ने मार्च की आड़ में हमले की पूर्व योजना बनाई थी। वहीं JNUSU अध्यक्ष अदिति मिश्रा ने आरोप लगाया कि कुलपति पंडित ने गुंडे और संघी भेजे थे, क्योंकि छात्र उनके बयानों का विरोध कर रहे थे।
कैंपस में बढ़ता तनाव
फिलहाल JNU कैंपस में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। छात्र संगठन लगातार कार्रवाई और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, जबकि प्रशासन अपनी स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश में है। यह पूरा मामला एक बार फिर छात्र राजनीति, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और यूनिवर्सिटी प्रशासन की भूमिका को लेकर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।
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