14 दिन और जेल में रहेंगे मनीष सिसोदिया, कोर्ट से मांगी धार्मिक-आध्यात्मिक पुस्तकों की अनुमति
मनीष सिसोदिया ने कोर्ट से आग्रह किया कि न्यायिक हिरासत के दौरान कुछ धार्मिक और आध्यात्मिक पुस्तकें ले जाने की अनुमति दी जाए।

Manish Sisodia Judicial Custody: दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को आबकारी नीति मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने 5 अप्रैल 2023 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पूरा मामला आबकारी नीति 2021-2022 में कथित अनियमितताओं से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग जांच से जुड़ा है। बुधवार को सिसोदिया को कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
सिसोदिया ने किया किताबों का अनुरोध
दरअसल, मनी लॉन्ड्रिंग जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत आज समाप्त होने के बाद सिसोदिया को दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश एमके नागपाल के समक्ष पेश किया गया था। इस दौरान आप नेता मनीष सिसोदिया ने अदालत से कुछ किताबों को साथ लेकर जाने का अनुरोध किया।
कोर्ट ने कही ये बात
रिपोर्ट्स के मुताबिक सिसोदिया ने न्यायिक हिरासत के दौरान कुछ धार्मिक और आध्यात्मिक पुस्तकें ले जाने की अनुमति मांगी है। जिस पर अदालत ने आप नेता के अनुरोध को स्वीकार करने की बात कहते हुए इस संबंध में एक आवेदन दायर करने के लिए कहा है। कोर्ट ने कहा, "आप इस संबंध में एक अर्जी पेश करे, और हम इसकी अनुमति दे देंगे।"
वहीं कोर्ट ने रिमांड बढ़ाने का आदेश पारित करते हुए कहा कि इस बात की अनदेखी नहीं की जा सकती कि ईडी के मामले की जांच एक जटिल मामला है और मामले की पेचीदगियों को ध्यान में रखते हुए, व्यक्तियों की बहुलता / अभियुक्त मनी लॉन्ड्रिंग के कथित अपराध में शामिल हैं और जांच के दौरान जब्त किए गए रिकॉर्ड या डेटा की भारी मात्रा और जांच एजेंसी द्वारा विश्लेषण किए जाने की आवश्यकता है। बता दें कि सिसोदिया केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज मामले में पहले से ही न्यायिक हिरासत में हैं।












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