बिजली संकट की बात नहीं मान रही केंद्र सरकार, आंखें बंद कर लेने से नहीं होगा हल: मनीष सिसोदिया
नई दिल्ली, 10 अक्टूबर। देश के कई राज्यों पर छाए ऊर्जा संकट के बादल को लेकर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि केंद्र सरकार पावर संकट पर मुख्यमंत्रियों की बात नहीं मान रही है। बता दें कि कई जगह कोयले की कमी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है, इसका सीधा-सीधा असर बिजली के उत्पादन पर पड़ेगा। बड़ी मात्रा में देश की बिजली कोयले से ही बनाई जाती है। इस बीच दिल्ली में बिजली संकट को लेकर केजरीवाल सरकार और केंद्र सरकार में ठन गई है।
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रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, 'कोयला संकट है, जो बिजली संकट का कारण बन सकता है। इसकी वजह से उद्योगों सहित सब कुछ बंद हो सकता है लेकिन केंद्र इससे इनकार कर रही है। केंद्र ने कोई कदम नहीं उठाया तो देश में एक और संकट खड़ा हो जाएगा।' डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने आगे कहा, बिजली घरों से हमें कोयले की कमी की सूचना मिल रही है। कई प्लांट बंद हो गए हैं। अगर केंद्र सरकार ने कोयला संकट को हल नहीं किया तो देश के सामने बहुत बड़ा संकट पैदा हो जाएगा।
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मनीष सिसोदिया कहते हैं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी से अपील की, आंध्र प्रदेश, पंजाब, यूपी, गुजरात की सरकार बोल रही है कि कोयला संकट है। यह भी सूचना मिली है कि यूपी समेत कई राज्यों में पावर प्लांट बंद हो गए हैं। लेकिन केंद्र सरकार कह रही है कि कोई क्राइसिस नहीं है। इसका मतलब केंद्र सरकार क्राइसिस को हल नहीं करना चाह रही है या उनके पास इसका कोई समाधान नहीं है। पहले क्राइसिस को स्वीकार तो करो...आप सिर्फ इसलिए कि कुछ राज्य मुद्दा उठा रहे हैं तो उन्हें झूठा साबित करने की जिद पर अड़ जाते हो, आंखें बंद कर लेने से कोल क्राइसिस खत्म नहीं होगा।












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