राष्ट्रपति नोटबैन पर निश्चित ही उपयुक्त कदम उठाएंगे: ममता बनर्जी
ममता बनर्जी ने नोटबैन के खिलाफ मार्च निकाल कर राष्ट्रपति को दिया ज्ञापन।
नई दिल्ली। पीएम मोदी के नोट बैन के विरोध में आज पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दिल्ली में मार्च निकाला। विरोध मार्च की अगुवाई कर रही ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति को नोटबंदी के खिलाफ ज्ञापन सौंपा।

ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति को ज्ञापन देने के बाद कहा कि राष्ट्रपति को उन्होंने देश के हालात के बारे में बताया है और उनसे आग्रह किया है कि हालात को सामान्य करने के के लिए कुछ कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति वित्त मंत्रालय संभाल चुके हैं, ऐसे में वो मामले की गंभीरता को समझ रहे हैं।
ममता बनर्जी ने कहा कि हमारी पार्टी लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव लाएगी। उन्होंने कहा कि नोटबंदी ने देशवासियों को मुश्किल में डाल दिया है। ममता ने कहा कि अब तो एटीएम का मतलब ऑल टाइम मनी की जगह 'आएगा तब मिलेगा' हो गया है।
ममता बनर्जी और विपक्षी पार्टियां आज नोटबैन के खिलाफ सड़क पर उतरी। ममता बनर्जी ने इस मार्च की घोषणा पहले ही कर दी थी। उन्होंने सभी विपक्षी पार्टियों से इस मार्च में शामिल होने का अनुरोध किया था लेकिन कुछ विपक्षी पार्टियां इसमें शामिल नहीं हुईं।
ममता बनर्जी को कांग्रेस और वामदलों का समर्थन नहीं है तो वहीं भाजपा का सहयोगी दल शिवेसेना के सांसद अरविंद सावंत इस मार्च का हिस्सा बने। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और आम आदमी पार्टी क भगवंत मान भी मार्च में शामिल हुए।
Delhi: TMC and other Opposition parties hold protest march to the President's House over the #demonetisation issue pic.twitter.com/hAPG6xJiyB
— ANI (@ANI_news) November 16, 2016
विपक्ष कर रहा है नोटबैन का विरोध
विपक्ष के दलों में नोट बैन को लेकर काफी नाराजगी है। ममता बनर्जी इसके खिलाफ काफी मुखर हैं। अखिलेश यादव पहले भी इस फैसले पर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। उनके साथ-साथ दूसरे विपक्ष दल भी इसे जनता पर बेवजह की मार कह रहे हैं।
राहुल गांधी फैसले पर कई बार अपना विरोध जता चुके हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने नोट बैन के पर दिल्ली विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर पीएम के फैसले की आलोचना करते हुए पीएम को रिश्वत लेने वाला बताया है।
कांग्रेस के आनंद शर्मा नोट बैन का मुद्दा संसद में उठा रहे हैं। तो भाजपा की सहयोगी शिवसेना के मुखिया उद्धव ठाकरे इस फैसले की कड़ी आलोचना कर चुके हैं।
बसपा सुप्रीमो मायावती लगातार अपना विरोध नोटबैन पर जता रही हैं। उन्होंने तो 500 और 1000 के नोट को आर्थिक आपातकाल तक कहा है।
आम लोगों को भी नोट बैन के बाद काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बैंकों के सामने लंबी लाइनें लगी हैं। कारोबार पर भी इसका असर दिख रहा है। बैंकों की लाइनों में कई मौतें भी हो चुकी हैं।












Click it and Unblock the Notifications