लाजपत नगर डबल मर्डर केस: 45,000 रुपये, बदला या कुछ और? पति बोला- 'हमने तो परिवार जैसा माना था'
Lajpat Nagar Double Murder Case: 'मैंने तो कभी उसे (आरोपी मुकेश) डांटा भी नहीं, हमेशा प्यार से बात की...फिर उसने ऐसा क्यों किया।मैंने तो कुछ भी गलत नहीं किया। हमने उसे परिवार जैसा माना था लेकिन उसी ने हमारा घर उजाड़ दिया।' ये बात कुलदीप सेवानी ने कही है, वही कुलदीप सेवानी जो दिल्ली के लाजपत नगर के रहने वाले हैं, जिनकी पत्नी रुचिका (42) और 14 वर्षीय बेटे कृष की बेरहमी से उनके नौकर ने हत्या कर दी है।
दिल्ली के लाजपत नगर में एक डबल मर्डर की वारदात ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। 24 वर्षीय युवक (नौकर) मुकेश पासवान ने
अपने मालिक की पत्नी रुचिका (42) और 14 वर्षीय बेटे कृष की हत्या कर दी। मुकेश पासवान लाजपत नगर की मुख्य मार्केट में स्थित 'कुलदीप गारमेंट्स'की दुकान में हेल्पर के तौर पर काम करता था। अब जांच में पता चला कि मुकेश ने अपनी सगाई के लिए 8 दिन की छुट्टी मांगी थी, लेकिन वह 27 दिन तक गैरहाजिर रहा और इस दौरान लगातार पैसों की मांग करता रहा। अब इस पूरे मामले में 45,000 रुपये का नया एंगल सामने आया है।

आरोपी मुकेश एक महीने से नहीं आया था काम पर
मुकेश अमर कॉलोनी में अपने पिता और बड़े भाई के साथ रह रहा था और कई सालों से दुकान के संचालन में मदद कर रहा था। लेकिन अचानक उसका व्यवहार बदल गया-पैसे मांगने की आदत बढ़ गई, गैरहाजिरी बढ़ी और जिम्मेदारी से भागने लगा। पुलिस के मुताबिक, सेवानी परिवार ने उसे हाल ही में डांटा भी था और जिम्मेदारी से काम करने की सलाह दी थी, जिससे वह नाराज हो गया था।
आरोपी मुकेश करीब एक महीने से काम पर नहीं आया था। वह लगातार पैसे की मांग कर रहा था। जांच के मुताबिक मुकेश कुमार ने अपनी सगाई के लिए बिहार में अपने घर जाने के लिए आठ दिन की छुट्टी मांगी थी। हालांकि, वह 27 दिनों तक काम पर नहीं आया लेकिन इस दौरान पैसे के लिए सेवानी परिवार से संपर्क करता रहा।
छुट्टी पर जाने से पहले मुकेश ने दुकान के मालिकों से 45,000 रुपये लिए थे। उसी गारमेंट शॉप पर काम करने वाले एक अन्य कर्मचारी प्रेम सागर ने पुलिस को बताया कि मुकेश कुछ समय के लिए वापस आया था, उसने और पैसे मांगे और फिर गायब हो गया, जिससे सिवानी परिवार को चिंता होने लगी। दुकान पर काम करने वाले अन्य कर्मचारियों ने भी पुलिस को बताया कि रुचिका और उसके पति कुलदीप सिवानी ने हाल ही में मुकेश को डांटा था और उसे अच्छे से काम करने के लिए कहा था। पुलिस अब इस एंगल पर जांच कर रही है कि क्या इसमें पैसों का कोई एंगल है या फिर बदला लेने की वजह से हत्या की गई है।
हत्या की रात का खौफनाक मंजर
गुरुवार 03 जुलाई शाम रुचिका करीब शाम 7 बजे घर लौटीं। पुलिस के मुताबिक, 7:30 से 8 बजे के बीच मुकेश अचानक उनके घर आया और जैसे ही उन्होंने दरवाजा खोला, उसने तेजधार हथियार से गला काट दिया। शोर सुनकर ऊपर के कमरे में मौजूद उनका बेटा नीचे आया, लेकिन मुकेश ने उसे भी नहीं बख्शा। बाथरूम में ले जाकर उसकी भी हत्या कर दी।
पति कुलदीप के फोन पर पुलिस जब मौके पर पहुंची तो रुचिका का शव बेडरूम में और बेटे का शव बाथरूम में मिला। पुलिस ने मुकेश का लोकेशन ट्रेस किया और उसे मुगलसराय (पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन) से एक ट्रेन में गिरफ्तार कर लिया। वह हाजीपुर (बिहार) स्थित अपने गांव भागने की कोशिश कर रहा था।
पड़ोसियों ने दिल्ली डबल मर्डर पर क्या कहा?
रुचिका और कुलदीप को उनके पड़ोसी बेहद शरीफ और मेहनती इंसान बताते हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स के मुताबिक पड़ोसी सुनील वर्मा ने कहा, ''वे कभी किसी से उलझते नहीं थे, पूरे मोहल्ले में उनकी इज्जत थी।''
दुकान में काम करने वाले रोहन ने बताया, ''मुकेश सिर्फ कर्मचारी नहीं था, वह हर वक्त उनके साथ रहता था। रुचिका मैम ने उसे हमेशा परिवार जैसा माना।'' पास की दुकान के मालिक सतबीर सिंह ने कहा, "अब हम अपने स्टाफ पर भरोसा करने से पहले दो बार सोचेंगे।"












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