नोटबंदी के बाद RSS नेता की फर्म ने जमा कराए 17 करोड़ रुपये, आयकर विभाग ने शुरू की जांच
दिल्ली स्थित अहूजासंस शॉलवाले प्राइवेट लिमिटेड के मुखिया कुलभूषण अहूजा हैं। वो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ दिल्ली के प्रांत संघचालक (दिल्ली प्रमुख) हैं।
नई दिल्ली। दिल्ली में आरएसएस से जुड़े एक बड़े नेता की कंपनी आयकर विभाग के निशाने पर आ गई है। जानकारी के मुताबिक नोटबंदी के बाद आरएसएस से जुड़े बड़े नेता की क्लॉदिंग कंपनी पर करीब 17 करोड़ के बैन नोट बैंक में जमा कराने का आरोप है। इस संबंध में आयकर विभाग ने आरएसएस नेता से के घर और ऑफिस में छापेमारी की है।

जांच में जुटा आयकर विभाग, कुछ भी कहने से इंकार
दिल्ली स्थित अहूजासंस शॉलवाले प्राइवेट लिमिटेड के मुखिया कुलभूषण अहूजा हैं। वो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ दिल्ली के प्रांत संघचालक (दिल्ली प्रमुख) हैं। इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक आयकर विभाग उनके फर्म के मैनेजिंग डायरेक्टर की जांच कर रही है। कंपनी के रिकॉर्ड पर गौर करें तो इसके कंपनी के तीन अन्य निदेशक भी हैं- कुलभूषण अहूजा के बेटे भुवन, करण और पुत्र वधू निधि। सूत्रों का दावा है कि पिछले महीने फर्म ने करीब 6 करोड़ रुपये प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) के तहत जमा कराए। ये रकम स्वैच्छिक घोषणा स्कीम के तहत जमा कराए गए। बता दें कि केंद्र सरकार ने दिसंबर में ये खास योजना उन लोगों के लिए घोषित की थी जिनके पास अघोषित संपत्ति थी।
अहूजासंस शालवाले प्राइवेट लिमिटेड, पश्मीना शॉल के बड़े विक्रेताओं में शुमार है। इस कंपनी के शो रुम दिल्ली के करोल बाग, खान मार्केट और साउथ एक्सटेंशन में हैं। कुलभूषण अहूजा बचपन में ही आरएसएस में शामिल हो गए थे। फिलहाल पूरे मामले पर आयकर विभाग अभी कुछ भी कहने से बच रहा है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर को नोटबंदी का ऐलान किया था। इस ऐलान में 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बंद करने का ऐलान सरकार की ओर से किया गया था।












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