Honey Trap: दिल्ली के जनकपुरी में हनी ट्रैप का खेल! बहाने से बुलाया, बेडरूम में ले गई और फिर...वसूले 9 लाख
Honey Trap: दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो हनी ट्रैप का इस्तेमाल कर लोगों से जबरन वसूली करता था। यह गिरोह फर्जी पुलिसकर्मी बनकर पीड़ितों को डराता था और उनसे मोटी रकम ऐंठता था। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
दरअसल, अगस्त 2024 में, पश्चिम दिल्ली के जनकपुरी (Janakpuri) इलाके में एक 60 वर्षीय डॉक्टर को एक महिला ने फोन कर 'मां की तबीयत खराब' के बहाने से घर बुलाया। डॉक्टर के पहुंचने पर उसने स्नैक्स दिए और फिर अभद्र हरकतें महिला करने लगी। इसके तुरंत बाद, चार लोग कमरे में घुसे, जिनमें से दो पुलिस की वर्दी में थे। महिला भाग गई, और इन लोगों ने डॉक्टर को आपराधिक आरोपों में फंसाने और गिरफ्तारी की धमकी देकर 9 लाख रुपये वसूले।

कौन-कौन गिरफ्तार?
कंझावला रोड पर पुलिस ने 24 दिसंबर 2024 को बुद्ध विहार नाले के पास तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान तीनों ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें तुरंत काबू कर लिया। आरोपियों से फर्जी पुलिस पहचान पत्र, हेड कांस्टेबल की वर्दी, और अन्य फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए।
- नीरज त्यागी (42), तिलक नगर निवासी।
- आशीष माथुर (31), कराला निवासी।
- दीपक उर्फ सजन (30), खरखौदा निवासी।
पहले भी थे वांछित
गिरफ्तार नीरज और दीपक, द्वारका जिले के बिंदापुर में हुए एक अन्य हनी ट्रैप मामले में पहले से ही वांछित थे। इस मामले में पहले से दो महिलाओं और अन्य दो लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
गिरोह कैसे करता था काम?
गिरोह अपने शिकार को फोन या अन्य माध्यम से महिला के जरिए बुलाता था। फिर महिला उन्हें फंसाने के लिए उकसाने वाले कदम उठाती थी। इस दौरान फर्जी पुलिसकर्मी बनकर गिरोह के सदस्य मौके पर पहुंचते और पीड़ित को अपराध में फंसाने की धमकी देकर पैसे ऐंठते।
मामले की जांच जारी
पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य पीड़ितों और उनके पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। संभावना है कि इस गिरोह ने दिल्ली-एनसीआर में और भी कई लोगों को निशाना बनाया हो।
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