ओलंपिक में गलत जर्सी पहनने पर हरियाणवी पहलवान विनेश फोगाट ने WFI से माफी मांगी, 2 आरोपों का किया खंडन
नई दिल्ली। हरियाणवी पहलवान विनेश फोगाट ने खुद पर लगे अनुशासनहीनता के आरोपों पर भारतीय रेसलिंग फेडरेशन (WFI) से माफी मांगी है। हालांकि, विनेश ने खुद पर लगाए गए 3 आरोपों में से दो का खंडन भी किया है। उन्होंने एक आरोप में अपनी गलती मानी और उसके लिए माफी मांगी। दरअसल, फेडरेशन ने विनेश फोगाट को टोक्यो ओलिंपिक के दौरान अनुशासनहीनता की वजह से निलंबित कर नोटिस भेजा था। विनेश पर आरोप था कि, उन्होंने खेलगांव में भारतीय दल के साथ रहने व ट्रेनिंग करने से इनकार कर दिया था। इसके अलावा उसने साथी खिलाड़ियों से बुरा बर्ताव भी किया था।

टोक्यों में विनेश अपने मैच के दौरान हारकर बाहर भी हो गई थीं। जिसके कारण उन्हें बिना कोई मेडल के खाली हाथ लौटना पड़ा। जब स्वदेश वापसी हुई तो फेडरेशन के अधिकारियों ने विनेश पर अनुशासनहीनता के आरोप लगाए। हालांकि, अपने जवाब में विनेश ने कई आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। विनेश ने कहा है कि, 'मैं ओलिंपिक के दौरान कोरोना प्रोटोकॉल की वजह से अन्य खिलाड़ियों से अलग रह रही थी। लेकिन 3-4 अगस्त को सीमा बिस्ला के साथ ट्रेनिंग की थी। अपने दल के साथियों के साथ ही लंच-डिनर करती थी।' विनेश ने कहा कि, ''मेरी गलती सिर्फ यही है कि, स्पॉन्सर की जर्सी नहीं पहनी थी।''
ऐसे में उन्होंने स्पॉन्सर की जर्सी न पहनने के आरोप को माना और फेडरेशन से माफी मांग ली है।
बड़ी बहन गीता ने लिया विनेश का पक्ष
उधर, विनेश की बहन गीता फोगाट का बयान आया है। गीता ने विनेश को ही सपोर्ट किया है। गीता ने कहा कि, विनेश ने अच्छा परफोर्म किया। उन्होंने कहा कि, अब पेरिस ओलंपिक में विनेश जोरदार वापसी करेगी। गीता ने कहा, ''छोटी बहन के जीवन के हर मोड़ पर उतार-चढ़ाव है, बस बिना रुके बिना थके, आगे बढ़ते रहना है..और किसी चीज़ से घबराने की ज़रूरत नहीं है। हम चैंपियन विनेश फोगाट को दोबारा और मज़बूती के साथ रेसलिंग मैट पर देखना चाहते हैं।''
गीता के अलावा लदंन ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुके योगेश्वर दत्त ने भी विनेश की तारीफ की। योगेश्वर ने कहा कि हमें विनेश की उपलब्धियों का सम्मान करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, "विनेश अच्छी पहलवान हैं, लेकिन टोक्यो ओलंपिक में वो दिन उनका नहीं था। वो हार गईं। ये जीतना और हारना खेल का एक हिस्सा है। जब हम जीतकर आते हैं तो गलती छुप जाती है, लेकिन हारने पर अच्छी चीजों को कोई याद नहीं रखता। सभी को यह याद रखना चाहिए कि कोई एथलीट हारना नहीं चाहता।"
भारतीय कुश्ती संघ का क्या कहना?
भारतीय कुश्ती महासंघ विनेश से खफा है। महासंघ के पदाधिकारी का कहना है कि, विनेश अपने देश के खिलाड़ियों की टोली में नहीं रहीं। उन्होंने भारतीय टीम के साथ ट्रेनिंग नहीं की और ट्रनिंग के दिशानिर्देश भी नहीं माने। यह अनुशासनहीनता थी, इसलिए उसे अस्थाई तौर पर निलंबित कर दिया गया है। उसे जवाब देने होंगे। उसके बाद आगे तय होगा कि क्या करना है। गौरतलब है कि, 23 वर्षीय विनेश टोक्यो ओलंपिक में भारतीय दल की पदक वाली उम्मीदों में से एक थीं, लेकिन वह एकतरफा हारीं और बाहर हो गईं।












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