Ram Rahim Parole: क्या बाबा राम रहीम के लिए पैरोल लाते हैं चुनाव, अब दिल्ली चुनाव 2025 से जुड़ रहा कनेक्शन?
Ram Rahim Parole: हरियाणा के डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को एक बार फिर 30 दिन की पैरोल दी गई है। अब बाबा राम रहीम को पैरोल दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान मिली है। भाजपा सरकार पर लगातार यह आरोप लग रहा है कि हर चुनावी घमासान के दौरान राम रहीम को पैरोल दी जाती है। बीते कुछ सालों में ही यह आठवां मौका है जब राम रहीम को किसी न किसी चुनाव के दौरान जेल से बाहर आने की अनुमति दी गई है। इस बार दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले उनकी रिहाई चर्चा का विषय बनी हुई है।
इस बार राम रहीम को पहली बार सिरसा आश्रम जाने की भी मंजूरी दी गई है। वह 6 फरवरी तक वहां रहेंगे, जबकि 5 फरवरी को दिल्ली में मतदान होना है। इसी बीच, मार्च में हरियाणा में निकाय चुनाव भी होने जा रहे हैं।
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गौरतलब है कि हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले भी राम रहीम को 21 दिन की पैरोल दी गई थी। 2017 में साध्वियों से यौन शोषण और पत्रकार हत्याकांड में दोषी करार दिए जाने के बाद से यह 12वीं बार है जब उन्हें जेल से बाहर आने की अनुमति मिली है। इनमें से 8 बार उनकी रिहाई चुनाव से ठीक पहले हुई है। मंगलवार को सिरसा पहुंचने के बाद राम रहीम ने डेरे से वीडियो जारी कर संगत से आश्रम न आने की अपील की, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंचे। सुरक्षा के मद्देनजर सिरसा आश्रम के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

पिछले चुनावों के दौरान राम रहीम को मिली पैरोल
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लोकसभा चुनाव से पहले 50 दिन की पैरोल (2024)
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बरोदा उपचुनाव से पहले 24 घंटे की पैरोल (2020)
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पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले 21 दिन की फरलो (2022)
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हरियाणा निकाय चुनाव से पहले 30 दिन की पैरोल (2022)
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हरियाणा पंचायत चुनाव से पहले 40 दिन की पैरोल (2022)
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राजस्थान चुनाव के दौरान 21 दिन की पैरोल (2023)
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हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले 21 दिन की पैरोल (2023)
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दिल्ली चुनाव से ठीक एक सप्ताह पहले 30 दिन की पैरोल (2025)
अब तक अपनी सजा के दौरान राम रहीम को कुल 300 दिन की छुट्टी यानी पैरोल और फरलो दी जा चुकी है।
पैरोल पर उठ रहे सवाल राम रहीम को बार-बार पैरोल देने पर कई राजनीतिक दलों ने सवाल उठाए हैं। पंजाब से अकाली दल की नेता और पूर्व मंत्री हरसिमरत कौर ने इस मुद्दे पर भाजपा सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं। पंजाब में बेअदबी कांड की जांच करने वाली एसआईटी के पूर्व प्रमुख ने भी इस मामले में पारदर्शिता की मांग की थी। हालांकि, डेरा सच्चा सौदा के वकील का कहना है कि यह पैरोल कानूनी रूप से दी गई है और यह किसी भी व्यक्ति का अधिकार है। इस बार भी उन्हें सशर्त पैरोल प्रदान की गई है।
दिल्ली विधानसभा चुनाव की 70 सीटों पर 5 फरवरी को मतदान होगा और 8 फरवरी को नतीजे घोषित किए जाएंगे।












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