Delhi में गैस एजेंसी के डिलीवरी बॉय ही निकले लुटेरे! सीक्रेट गोदाम से मिला सिलेंडरों का जखीरा!
Fuel Crisis: देश में एलपीजी (LPG) की उपलब्धता को लेकर बढ़ती चिंता के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। राजधानी दिल्ली में आम जनता की रसोई तक पहुंचने वाली गैस की कालाबाजारी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने संगम विहार इलाके में छापेमारी कर अवैध रूप से चल रहे LPG रैकेट को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है।
पुलिस ने मौके से कुल 183 इंडेन गैस सिलेंडर बरामद किए हैं, जिनमें से 154 पूरी तरह भरे हुए थे और 29 खाली थे। पुलिस ने इस मामले में चार मुख्य आरोपियों- शेर सिंह, सूरज परिहार, रघु राज सिंह और जितेंद्र शर्मा को गिरफ्तार किया है।

चौंकाने वाली बात यह है कि ये सभी आरोपी एक अधिकृत गैस एजेंसी के रजिस्टर्ड डिलीवरी कर्मी हैं। ये आरोपी एजेंसी से सिलेंडर लेकर ग्राहकों तक पहुंचाने के बजाय, उन्हें अपने किराए के गुप्त गोदामों में जमा कर देते थे और वहां से अवैध रिफिलिंग और कालाबाजारी का खेल चलाते थे।
पुलिस ने इनके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है ताकि गिरोह के अन्य संपर्कों का पता लगाया जा सके।
देश में अब कितनी बची है गैस?
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और LPG का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। पश्चिम एशिया के ताजा घटनाक्रमों के बीच उन्होंने जनता से पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) न करने की अपील की है।
सरकार की ओर से जारी मुख्य जानकारी:
- सप्लाई चेन सुरक्षित: मंत्रालय के अनुसार, भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद LPG की सप्लाई बाधित नहीं होगी। दो बड़े भारतीय टैंकर- 'पाइन गैस' और 'जग वसंत' (कुल 92,000 मीट्रिक टन से अधिक क्षमता) सुरक्षित रूप से भारत की ओर बढ़ रहे हैं।
- PNG विस्तार: सरकार ने स्कूलों, कॉलेजों और आंगनवाड़ी केंद्रों को मात्र 5 दिनों के भीतर पाइप वाली गैस (PNG) से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। अकेले सोमवार को 7,500 नए कनेक्शन दिए गए हैं।
- अफवाहों पर लगाम: सरकार ने साफ किया है कि किसी भी डिस्ट्रीब्यूटर के पास 'ड्राई-आउट' (स्टॉक खत्म होने) की स्थिति नहीं है। सभी रिफाइनरियां अपनी उच्चतम क्षमता पर काम कर रही हैं।
विदेश मंत्रालय भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा सुरक्षा को लेकर मित्र देशों और खाड़ी देशों के साथ लगातार संपर्क में है। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री और GCC देशों के राजदूतों के साथ चर्चा कर वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।












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