ईडी बोली- के.कविता ने केजरीवाल-सिसोदिया को 100 करोड़ दिए,आप नेता आतिशी ने ED को बताया भाजपा की राजनीतिक शाखा'
शराब नीति घोटाले संबंधी केस को लेकर प्रवर्तन निदेश्यालय ने सोमवार को दावा किया था कि इस मामले की कथित आरोपी के.कविता ने बयान है कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को 100 करोड़ दिए हैं। ईडी के इस बयान पर आम आदमी पार्टी आग-बबूला हो चुकी है।

ईडी भाजपा का "राजनीतिक हथियार"
आप नेता और दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी ने मंगलवार को एक प्रेस कान्फ्रेंस की और प्रवर्तन निदेशालय को "राजनीतिक हथियार" बनने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि ईडी भाजपा की राजनीतिक शाखा बन चुकी है।
सर्वोच्च्च न्यायालय ने ये केस खारिज कर दिया है
इसके साथ ही दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी ने दावा किया है कि बीआरएस नेता के कविता अब समाप्त हो चुकी उत्पाद शुल्क नीति मामले में आप नेताओं को 100 करोड़ रुपये का भुगतान करने में शामिल थीं। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने ये केस खारिज कर दिया है।
ईडी केजरीवाल को चुनाव प्रचार करने से रोकना चाहती है
आतिशी ने आरोप लगाया कि सेंट्रल जांच एजेंसी की कार्रवाई का उद्देश्य दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को लोकसभा चुनाव में प्रचार करने से रोकना था। इसकी वजह है कि भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केजरीवाल से भयभीत हैं।
ईडी ने राजनीतिक प्रेस विज्ञप्ति क्यों जारी की?
ईडी के आरोप को खारिज करते हुए आतिशी ने सवाल पूछा ईडी ने राजनीतिक प्रेस विज्ञप्ति क्यों जारी की? क्या ईडी प्रेस विज्ञप्ति जारी करती है। इसका मतलब है कि ईडी एक राजनीतिक हथियार बन गया है। भाजपा केवल एक राजनीतिक नेता अरविंद केजरीवाल से डरती है। वे चाहते हैं उन्हें लोकसभा चुनाव में प्रचार करने से रोका जाए।"
बता दें तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव की एमएलसी बेटी कविता को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) एजेंसी ने पिछले हफ्ते उनके हैदराबाद स्थित घर से गिरफ्तार किया था और वह 23 मार्च तक संघीय जांच एजेंसी की हिरासत में हैं।
सोमवार को एक बयान में, ईडी ने दावा किया कि कविता ने अन्य लोगों के साथ मिलकर "दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति निर्माण और कार्यान्वयन में लाभ पाने के लिए अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसौदिया सहित AAP के शीर्ष नेताओं के साथ साजिश रची"। केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने कहा "इन एहसानों के बदले में वह आप के नेताओं को 100 करोड़ रुपये देने में शामिल थी।"












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