Delhi Siblings: मां-बाप की मौत के बाद टूट गया था हौसला, दिल्ली में भाई-बहन ने एक साथ चुनी मौत
Delhi Siblings: दिल्ली के शाहदरा स्थित दिलशाद गार्डन की एलआईजी कॉलोनी में उस वक्त सनसनी फैल गई जब एक फ्लैट से दुर्गंध आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। जब पुलिस ने दरवाजा तोड़ा, तो अंदर भाई-बहन के शव फंदे से लटके मिले। दोनों पिछले कुछ वर्षों से इसी घर में अकेले रह रहे थे। बताया जा रहा है कि माता-पिता की मौत के बाद से दोनों पूरी तरह अकेले और समाज से कटे हुए हो गए थे।
फ्लैट में बंद थे शव, बदबू के बाद हुआ खुलासा
यह घटना डी-ब्लॉक के फ्लैट नंबर 409 की है। रविवार सुबह करीब 8 बजे आस-पास के लोगों को फ्लैट से तेज दुर्गंध आने लगी। कई दिनों से भाई-बहन को किसी ने देखा नहीं था। आशंका होने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने जब फ्लैट का दरवाजा तोड़ा, तो 32 वर्षीय विनेश कुमार तोमर और उनकी 30 वर्षीय बहन चिन्की के शव अंदर लटके मिले। शाहदरा के डीसीपी प्रशांत गौतम ने बताया, "फ्लैट अंदर से बंद था। दरवाजा तोड़ने पर दोनों के शव मिले। प्राथमिक जांच में आत्महत्या का मामला लग रहा है।"

समाज से बिल्कुल कटे हुए थे दोनों
पड़ोसियों के अनुसार, दोनों भाई-बहन न तो किसी से बातचीत करते थे और न ही घर पर कोई आता-जाता था। पहली मंजिल पर रहने वाले योगेश अरोड़ा ने बताया, "वो सिर्फ जरूरी सामान लेने ही बाहर निकलते थे। किसी ने दरवाजा खटखटाया भी तो हल्का सा खोलते थे, बातचीत से भी कतराते थे।" योगेश अरोड़ा ने ही अन्य पड़ोसी को कहकर पुलिस बुलवाई। फ्लैट के मालिक राजीव (58) को भी सुबह 8:30 बजे सूचना दी गई।
अंदर का मंजर भयावह
फ्लैट का मुख्य दरवाजा टूटा हुआ था। अंदर एक छोटा-सा हॉल था जिसमें काले रंग का सोफा सेट पड़ा था। कुशन और टीवी रिमोट अस्त-व्यस्त हालत में थे। अंदर वाले कमरे में दोनों के शव बरामद हुए। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "विनेश का शव पंखे से दुपट्टे के सहारे लटका था, जबकि चिन्की का शव पंखे के पास लगे हुक से लटका मिला।"
माता-पिता की मौत के बाद बदली जिंदगी
परिवार मूल रूप से मेरठ (उत्तर प्रदेश) से था। पिता देवेंद्र तोमर सेना में सूबेदार थे, जिनका 2011 में ड्यूटी के दौरान दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। मां अनीता को लकवा था, और 2021 में दिल का दौरा पड़ने से उनकी भी मौत हो गई। मां की मौत के बाद ही विनेश और चिन्की दिलशाद गार्डन के इस फ्लैट में रहने आए थे। तभी से दोनों ने गांव और रिश्तेदारों से पूरी तरह संपर्क तोड़ लिया।
दोनों ने बीबीए और एमबीए की पढ़ाई की थी। विनेश एक आईटी कंपनी में काम करता था, जबकि चिन्की कोई प्रोफेशनल कोर्स कर रही थी।
रिश्तेदार भी थे संपर्क से बाहर
दोनों के चाचा विकास कुमार, जो यूपी के शामली जिले से हैं, को एक अन्य भतीजे से घटना की सूचना मिली। उन्होंने कहा, "विनेश से मेरी आखिरी बात करीब दो महीने पहले हुई थी। मां की मौत के बाद से दोनों ने हमसे दूरी बना ली थी।" दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि आत्महत्या की असल वजह और मौत का समय पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
मकान मालिक बोले-'बहुत ही सीमित संवाद था'
फ्लैट मालिक राजीव ने बताया कि दोनों से उनकी बहुत कम बातचीत होती थी। "विनेश नौकरी करता था, बहन पढ़ाई कर रही थी। दो-तीन महीने में एक बार बात हो पाती थी।" उन्होंने बताया कि आखिरी बार दोनों ने पिछला किराया देने के लिए समय मांगा था। "मैं मिलने की सोच ही रहा था।" इस दुखद घटना ने पूरे मोहल्ले को झकझोर दिया है। लोग हैरान हैं कि माता-पिता को खोने के बाद दो पढ़े-लिखे नौजवान इस कदर अकेलेपन में डूब गए कि मौत को ही रास्ता मान लिया। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
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