Delhi Pollution कंट्रोल पर ‘सील’ का डंडा! रेखा गुप्ता सरकार का बड़ा एक्शन, नियम तोड़े तो फैक्ट्री होगी बंद
Delhi Pollution News: दिल्ली में जहरीली होती हवा को लेकर अब सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने साफ कर दिया है कि प्रदूषण फैलाने वालों के लिए अब कोई नरमी नहीं होगी। राजधानी में वायु प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए 26 जनवरी से सख्त अभियान शुरू कर दिया गया है, जिसके तहत नियम तोड़ने वाली फैक्ट्रियों को बिना किसी नोटिस के सीधे सील किया जाएगा।
प्रदूषण फैलाने वाली इंडस्ट्री अब रडार पर
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण नियमों का उल्लंघन करने वाली औद्योगिक इकाइयों पर अब तत्काल कार्रवाई की जाएगी। खास तौर पर वे फैक्ट्रियां जो अब तक डीपीसीसी के ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम यानी OECM सर्टिफिकेशन के लिए आवेदन नहीं कर पाई हैं, उनके खिलाफ 31 दिसंबर के बाद कोई राहत नहीं दी जाएगी। सरकार का साफ संदेश है कि नियम मानिए, नहीं तो ताला लगेगा।

GRAP-4 का असर दिखा, सरकार का दावा
दिल्ली में पिछले चार दिनों से लागू GRAP-4 के प्रावधानों का असर अब दिखने लगा है। मंत्री सिरसा के मुताबिक, प्रदूषण के स्तर में धीरे-धीरे सुधार आ रहा है। खासकर ट्रैफिक और औद्योगिक उत्सर्जन पर नियंत्रण से हालात कुछ बेहतर हुए हैं।
'नो PUC, नो फ्यूल' से 10 हजार गाड़ियां फेल
'नो PUC, नो फ्यूल' नियम लागू होने के बाद अब तक दो लाख से ज्यादा वाहनों की पीयूसी जांच की जा चुकी है। इनमें से करीब 10 हजार गाड़ियां तय मानकों पर खरी नहीं उतरीं। सरकार अब सभी पीयूसी केंद्रों को आधुनिक मशीनों से लैस कर रही है। साथ ही सिस्टम को पारदर्शी बनाने के लिए थर्ड पार्टी जांच व्यवस्था भी लागू की जा रही है, ताकि फर्जीवाड़े की गुंजाइश खत्म हो।
अवैध उद्योगों पर एमसीडी और डीपीसीसी की संयुक्त कार्रवाई
एमसीडी और डीपीसीसी मिलकर राजधानी में चल रही अवैध और अनधिकृत औद्योगिक इकाइयों की पहचान कर रहे हैं। ऐसे सभी उद्योगों को बंद किया जाएगा। इसके अलावा धूल नियंत्रण के लिए सड़कों की दिन-रात सफाई और पानी का छिड़काव लगातार जारी है।
लैंडफिल और जलाशयों पर भी फोकस
सरकार लैंडफिल साइट्स पर रोजाना करीब 35 हजार मीट्रिक टन कचरे की बायो-माइनिंग कर रही है। साथ ही वर्षों से खत्म हो चुके या अतिक्रमण का शिकार जलाशयों को फिर से जिंदा करने की योजना पर काम तेज है। लक्ष्य है कि कम से कम 50 प्रतिशत जलाशयों को उनके मूल स्वरूप में वापस लाया जाए।
वर्क फ्रॉम होम नहीं माना तो कार्रवाई तय
GRAP-4 के तहत 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम का पालन न करने वाली निजी कंपनियों पर भी सख्ती की जाएगी। सरकार का कहना है कि प्रदूषण से लड़ाई में किसी को छूट नहीं दी जा सकती।
कुल मिलाकर, दिल्ली में प्रदूषण को लेकर सरकार ने साफ कर दिया है कि अब चेतावनी नहीं, सीधे कार्रवाई होगी। नियम तोड़े तो फैक्ट्री सील, गाड़ी फेल और कंपनी पर जुर्माना तय है।












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