'दिल्ली में 9 साल की बच्ची से रेप हुआ था, इस बात का कोई सबूत नहीं' ,पुलिस ने कोर्ट से कहा
'दिल्ली में 9 साल की बच्ची का रेप हुआ था या नहीं, अभी इसका कोई सबूत नहीं है', पुलिस ने कोर्ट से कहा
नई दिल्ली, 14 अगस्त: दिल्ली में 9 साल की बच्ची का कथित तौर पर रेप और हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस ने एक अदालत को सूचित किया है कि उसे अभी तक इस बात की पुष्टि करने के लिए कोई सबूत नहीं मिला है बच्ची का रेप हुआ था। पुलिस ने कोर्ट में कहा है कि कि 01 अगस्त को छावनी के पास एक गांव में कथित तौर पर हत्या और जबरन अंतिम संस्कार करने से पहले 9 वर्षीय दलित लड़की के साथ बलात्कार किया गया था, इस बात का हमें फिलहाल कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। पुलिस ने कहा, अभी तक के जांच में हमने ऐसा कुछ भी नहीं पाया है, जिसके आधार पर बच्ची के रेप की पुष्टि की जा सके।

इस केस की जांच कर रहे अधिकारी आईओ रिछपाल सिंह ने अदालत को बताया कि हम इस स्तर पर यह नहीं कह सकते हैं कि पीड़िता के साथ बलात्कार किया गया था। इस अपराध में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है और वे जेल में हैं। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आशुतोष कुमार के सवाल का जवाब देते हुए आईओ रिछपाल सिंह ने कहा कि वह निर्णायक तौर पर नहीं कह सकते हैं कि कथित रूप से हत्या से पहले पीड़िता का यौन उत्पीड़न किया गया था या नहीं।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है, 'दिल्ली पुलिस ने स्वीकार किया है कि न तो किसी चश्मदीद गवाह का कोई बयान और न ही मेडिकल या वैज्ञानिक समेत किसी अन्य तरह का सबूत, यह पुष्टि करने के लिए एकत्र हो पाया है कि पीड़ित बच्ची के साथ बलात्कार किया गया था या नहीं। कोर्ट ने आगे कहा है कि इस स्तर पर, पुलिस निर्णायक रूप से यह नहीं कह सकती है कि पीड़ित बच्ची के साथ बलात्कार हुआ था या नहीं।'
रिपोर्ट में आईओ ने कोर्ट को यह भी बताया कि 3 अगस्त 2021 को किए गए पीड़िता के पोस्टमार्टम के अनुसार, बच्ची के शरीर पर किसी भी यौन हमले के संबंध में कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है। पोस्टमार्ट निश्चित राय का पता नहीं लगा पाई है कि बलात्कार हुआ था या नहीं। जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में कहा, "लेकिन यह बिल्कुल स्पष्ट है कि बच्ची की मौत के बाद शव को जलाया गया था।" पुलिस ने यह भी कहा कि चार में से दो आरोपियों ने अपराध स्वीकार किया है।
आईओ ने कोर्ट को बताया, चार आरोपी व्यक्तियों के बयानों से पता चला है कि आरोपी राधे श्याम और कुलदीप सिंह ने नाबालिग बच्ची का बलात्कार और हत्या किया था। बाकी दो आरोपियों सलीम अहमद और लक्ष्मी नारायण ने नाबालिग बच्ची का अंतिम संस्कार करने की कोशिश में उनकी मदद की थी।''












Click it and Unblock the Notifications