Delhi News: घर-घर गिनती,मोबाइल में डेटा! दिल्ली पुलिस ने लॉन्च किया Census App, कैसे बदलेगी सुरक्षा व्यवस्था?
Delhi Police Household Census App: गणतंत्र दिवस को लेकर दिल्ली पुलिस ने राजधानी की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए एक अहम डिजिटल पहल शुरू की है। दिल्ली पुलिस के सेंट्रल रेंज ने eParikshan नाम का एक नया मोबाइल ऐप लॉन्च किया है, जिसके जरिए परेड रूट और उसके आसपास के इलाकों में घर-घर जाकर जनगणना और सत्यापन किया जाएगा। इस ऐप का मकसद संवेदनशील इलाकों में रहने और काम करने वाले हर व्यक्ति का सटीक रिकॉर्ड तैयार करना है।
क्या है eParikshan ऐप और क्यों जरूरी (Delhi Police eParikshan App, Smart Policing)
दिल्ली पुलिस के जॉइंट कमिश्नर (सेंट्रल रेंज) मधुर वर्मा के मुताबिक, यह पहल सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम है। उन्होंने बताया कि ऐप के जरिए न सिर्फ स्थायी निवासियों बल्कि किरायेदारों, घरेलू सहायकों और कर्मचारियों का भी सत्यापन किया जा रहा है।

उनका कहना है कि परेड रूट के आसपास रहने या काम करने वाले हर व्यक्ति की पहचान और पृष्ठभूमि की जांच से पुलिस का प्रिवेंटिव सिक्योरिटी फ्रेमवर्क काफी मजबूत होगा। इससे किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सकेगा।
पहले के अनुभव से मिली मजबूती (Delhi Police Verification Drive)
दिल्ली पुलिस इससे पहले स्वतंत्रता दिवस के मौके पर नॉर्थ दिल्ली के कुछ इलाकों में इसी तरह का सत्यापन अभियान चला चुकी है। उस दौरान चरित्र और पूर्व रिकॉर्ड की जांच में अच्छे नतीजे सामने आए थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, उसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए अब इस अभियान को और ज्यादा व्यवस्थित और टेक्नोलॉजी आधारित बनाया गया है।
ऐप के फीचर्स क्या हैं? (Digital Census, GPS Tagging)
eParikshan ऐप को खास तौर पर फील्ड ड्यूटी को आसान बनाने के लिए तैयार किया गया है। यह ऐप रियल टाइम डेटा कलेक्शन, तेज सत्यापन और पुलिसकर्मियों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करता है। सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह ऐप ऑफलाइन मोड में भी काम करता है, जिससे नेटवर्क की दिक्कत के बावजूद काम नहीं रुकता।
इसमें GPS आधारित लोकेशन टैगिंग, मौके पर फोटो कैप्चर, हर मकान के लिए यूनिक प्रिमाइसेस आईडी, एडिट हिस्ट्री की पारदर्शिता, डिजिटल रिकॉर्ड मैनेजमेंट और रिपोर्ट जनरेट करने जैसे फीचर्स शामिल हैं।
अब तक कितना डेटा हो चुका है डिजिटल (Delhi Police Data Digitisation)
पुलिस के मुताबिक, यह ऐप अब सेंट्रल रेंज के सभी इलाकों में लागू कर दिया गया है। नॉर्थ जिले से अब तक 23 हजार से ज्यादा किरायेदार और घरेलू सहायकों का रिकॉर्ड डिजिटल किया जा चुका है। वहीं सेंट्रल जिले से 10 हजार से अधिक एंट्री सिस्टम में दर्ज की गई हैं। यह जानकारी देशभर की पुलिस एजेंसियों के साथ भी साझा की गई है।
कौन-कौन सी जानकारी हो रही दर्ज (Household Verification Details)
सत्यापन के दौरान व्यक्ति से जुड़ी हर जरूरी जानकारी ऐप में दर्ज की जा रही है। इसमें प्रिमाइसेस आईडी, नाम, जन्मतिथि, पिता का नाम, आधार नंबर, मोबाइल नंबर, पूरा पता, मकान और उपयोगकर्ता का प्रकार, रोजगार से जुड़ी जानकारी, फोटो और पुलिस की टिप्पणी शामिल है।
क्यों अहम है यह पहल (Republic Day Security Delhi)
दिल्ली पुलिस का मानना है कि इस बड़े स्तर की डिजिटल जनगणना से बड़े आयोजनों के दौरान सुरक्षा जोखिम काफी हद तक कम होंगे। eParikshan ऐप न सिर्फ गणतंत्र दिवस बल्कि आने वाले समय में राजधानी की सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा बन सकता है।












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