Delhi बना ट्रांजिट पॉइंट! ₹7 हजार Cr. की कोकीन जब्त, दुबई-UK से जुड़े तार, 6 के खिलाफ लुक-आउट जारी
Delhi Drug Racket Busted: दिल्ली पुलिस ने शहर में अब तक की सबसे बड़ी कोकीन जब्ती की है, जिसकी कुल कीमत 7,000 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। यह जब्ती पश्चिम दिल्ली के रमेश नगर इलाके में की गई, जहां 208 किलो कोकीन बरामद की गई।
इस मामले की जांच के तहत पुलिस ने छह व्यक्तियों के खिलाफ लुक-आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया है, जिनमें एक भारतीय मूल का यूके नागरिक सविंदर सिंह भी शामिल है, जो इस जब्ती से पहले भारत से भाग गया था।

सविंदर सिंह और अन्य संदिग्ध
सविंदर सिंह पिछले महीने भारत आया था और उसने दक्षिण अमेरिका से आए इस ड्रग्स के परिवहन और वितरण की निगरानी की। हालांकि, 2 अक्टूबर को चार सिंडिकेट सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद सिंह यूनाइटेड किंगडम भाग गया। पुलिस के अनुसार, सिंह ने दिल्ली में तीन अलग-अलग स्थानों पर लगभग 25 दिन बिताए। माना जा रहा है कि सिंह के साथ अन्य विदेशी नागरिक भी इस सिंडिकेट में शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि जो व्यक्ति रमेश नगर में कोकीन छिपाकर भाग गया था, वह भी इन संदिग्धों में से एक है।
सिंडिकेट का मास्टरमाइंड
इस पूरे ड्रग सिंडिकेट का मास्टरमाइंड विरेंद्र बसोया उर्फ वीरू बताया जा रहा है, जो फिलहाल दुबई में रह रहा है। बसोया ने भारत में रहने वाले तुषार गोयल और यूके में रहने वाले जितेंद्र गिल उर्फ जस्सी और सविंदर सिंह के साथ मिलकर इस नेटवर्क को संचालित किया। जहां गोयल और गिल को गिरफ्तार कर लिया गया है, वहीं बसोया और सिंह अभी भी फरार हैं।
कोकीन कैसे छिपाई गई?
पुलिस को यह बड़ी कामयाबी तब मिली, जब उन्होंने पश्चिम दिल्ली के एक किराए के कमरे से 208 किलो कोकीन बरामद की, जिसकी कुल कीमत 2,080 करोड़ रुपये आंकी गई। ड्रग्स को प्लास्टिक के स्नैक पैकेट्स में छिपाया गया था, जिन पर "टेस्टी ट्रीट" और "चटपटा मिक्सचर" जैसे लेबल लगे हुए थे। यह पैकेट रमेश नगर की एक छोटी दुकान में छिपाए गए थे, और दुकान के मालिक ने बताया कि सिंह ने यह जगह एक प्रॉपर्टी डीलर के माध्यम से 5,000 रुपये प्रति माह के किराए पर ली थी।
पिछले ऑपरेशंस और गिरफ्तारी
इससे पहले, 2 अक्तूबर को दक्षिण दिल्ली के महिपालपुर इलाके में एक गोदाम से 5,620 करोड़ रुपये की 560 किलो से अधिक कोकीन और40 किलो हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त किया गया था। इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद अमृतसर और चेन्नई में भी दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया।
हाल ही में, उत्तर प्रदेश के हापुड़ में अखलाक नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया, जो इस मामले में सातवां गिरफ्तार व्यक्ति है। पुलिस का कहना है कि ड्रग सिंडिकेट के सदस्य आपस में थ्रीमा जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्मों का उपयोग करते थे और कोड नामों का इस्तेमाल करते थे ताकि उनकी पहचान गुप्त रह सके।
दिल्ली एक ट्रांजिट पॉइंट?
पुलिस का मानना है कि दिल्ली का इस्तेमाल ड्रग्स को भारत के अन्य हिस्सों में फैलाने के लिए एक ट्रांजिट पॉइंट के रूप में किया जा रहा था। इस मामले की जांच जारी है, और पुलिस विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर रही है, ताकि इस बड़े ड्रग नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों को पकड़ा जा सके।
यह जब्ती न केवल दिल्ली में बल्कि पूरे भारत में ड्रग तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई के रूप में देखी जा रही है। पुलिस अब भी फरार संदिग्धों को पकड़ने के लिए व्यापक छानबीन कर रही है और इस मामले से जुड़े सिंडिकेट के अन्य सदस्यों की तलाश में लगी है।












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