Delhi News: 3600 EV बसें सड़कों पर, 7700 का टारगेट फिक्स! CM रेखा गुप्ता ने बताया प्रदूषण कंट्रोल का प्लान
Delhi News Pollution Control: दिल्ली की हवा को लेकर हर सर्दी में मचने वाले हाहाकार के बीच मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ऐसा प्लान सामने रखा है, जिसे सरकार की अब तक की सबसे ठोस कोशिश माना जा रहा है। पहली बार दिल्ली की सड़कों पर 3600 से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें दौड़ रही हैं और सरकार का दावा है कि इस साल के अंत तक यह संख्या 7700 तक पहुंच जाएगी। सीधा मतलब है - दिल्ली का पब्लिक ट्रांसपोर्ट पूरी तरह Emission Free बनने की ओर बढ़ चुका है।
एक टीवी चैनल के कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खुलकर बताया कि प्रदूषण से निपटना उनकी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और इसके लिए काम "युद्धस्तर" पर किया जा रहा है।

पहली बार EV बसों का रिकॉर्ड, पब्लिक ट्रांसपोर्ट को नई ताकत (EV buses in Delhi)
रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली के इतिहास में पहली बार 3600 से ज्यादा EV बसें सड़कों पर उतारी गई हैं। सिर्फ बड़ी बसें ही नहीं, बल्कि 3,330 नई इलेक्ट्रिक मिनी बसें भी लाई जा रही हैं, जो संकरी गलियों और अंदरूनी इलाकों तक पहुंचेंगी। सरकार का फोकस साफ है - हर दिल्लीवासी तक साफ, सस्ता और सुरक्षित पब्लिक ट्रांसपोर्ट पहुंचाना। EV बसों में जीरो एमिशन के साथ आधुनिक सुविधाएं होंगी, जिससे सफर ज्यादा आरामदायक और भरोसेमंद बनेगा।
7700 EV बसों का लक्ष्य, 100% Emission Free ट्रांसपोर्ट की तैयारी
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि 2026 से पहले दिल्ली में 7700 इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी। उनका कहना है कि जब पब्लिक ट्रांसपोर्ट मजबूत होगा, तभी लोग निजी वाहनों से दूरी बनाएंगे और यही प्रदूषण कम करने की सबसे बड़ी कुंजी है।
रेखा गुप्ता ने साफ कहा कि प्रदूषण को सिर्फ सर्दियों की समस्या मानना बड़ी भूल रही है। यह सालभर की चुनौती है और मौजूदा सरकार इसे उसी नजरिए से देख रही है।
पिछली सरकारों पर सीधा हमला, अस्थायी उपायों से नहीं होगा समाधान
सीएम ने बिना नाम लिए पिछली सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि स्मॉग टावर, ऑड-ईवन और रेड लाइट पर इंजन बंद जैसे कदम सिर्फ अस्थायी थे। इनसे थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकला। उनका कहना है कि बीते 15-20 साल में दिल्ली की आबादी और गाड़ियां बढ़ती गईं, लेकिन प्रदूषण को लेकर दीर्घकालिक प्लान पर काम नहीं हुआ।
वाहनों के प्रदूषण पर सख्ती, फिटनेस से लेकर चार्जिंग तक प्लान (Vehicle Pollution in Delhi)
रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली में वाहनों की फिटनेस जांच के लिए तीन नए ऑटोमेटेड सेंटर बनाए गए हैं। इससे खराब और प्रदूषण फैलाने वाले वाहन सड़कों से हटेंगे।
इसके साथ ही दिल्ली में अब तक 9000 EV चार्जिंग स्टेशन तैयार हो चुके हैं। सरकार ईवी चार्जिंग के लिए बिजली सप्लाई मजबूत कर रही है और पुरानी बैटरियों के रीसाइक्लिंग के लिए ई-वेस्ट पार्क भी बनाया जा रहा है।
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रदूषण से लड़ाई में दिल्ली अकेली नहीं है। केंद्र सरकार की मदद से दिल्ली से सटे राज्य भी सहयोग कर रहे हैं। इंटर-स्टेट बसों को डीजल से EV में बदला जा रहा है और पराली की समस्या पर भी संयुक्त योजना बनाई जा रही है।
सड़क, नाली और धूल - हर मोर्चे पर एक साथ काम (Dust Pollution Control)
रेखा गुप्ता ने बताया कि सरकार सिर्फ गाड़ियों पर ही नहीं, बल्कि धूल और गंदगी पर भी फोकस कर रही है। सड़कों की मरम्मत की जा रही है, मशीनों से झाड़ू लगाई जा रही है ताकि धूल न उड़े। नालियों की सफाई तेज की गई है।
10 महीनों में 22 लाख मीट्रिक टन सिल्ट निकाली गई है। मिंटो ब्रिज पर जलभराव खत्म होने का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि सिर्फ एक नाले से 15 हजार मीट्रिक टन सिल्ट हटाई गई।
कूड़े के पहाड़ खत्म करने का वादा, 2026 तक बड़ा लक्ष्य (Delhi Landfill Sites)
भलस्वा और ओखला लैंडफिल को 2026 के अंत तक खत्म करने का टारगेट रखा गया है। गाजीपुर समेत तीनों कूड़ा पहाड़ों पर लगातार काम चल रहा है। कचरे से निकलने वाले मटीरियल का इस्तेमाल सड़कों को ऊंचा करने जैसे कामों में किया जा रहा है। रेखा गुप्ता ने दावा किया कि उनके कार्यकाल में दिल्लीवासी कूड़े के ये पहाड़ इतिहास बनते देखेंगे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का कहना है कि EV बसें, बेहतर सड़कें, कूड़ा प्रबंधन और राज्यों का सहयोग - ये सब मिलकर आने वाले सालों में दिल्ली की हवा में फर्क दिखाएंगे। सरकार का दावा है कि यह सिर्फ घोषणाएं नहीं, बल्कि जमीन पर उतरता हुआ प्लान है, जिसका असर दिल्लीवासी खुद महसूस करेंगे।












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