Delhi New CM: रेखा गुप्ता का एक फैसला, केजरीवाल सरकार के हजारों कर्मचारी बेरोजगार, जानिए क्या है मामला
Delhi New CM: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने कार्यकाल के दूसरे दिन यानी शुक्रवार (21 फरवरी ) को बड़ा फैसला लिया। सीएम ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों के कार्यालयों में की गई 'को टर्मिनस स्टाफ' की नियुक्ति रद्द कर दी है।
दिल्ली सरकार के सेवा विभाग ने आदेश जारी करते हुए इसकी जानकारी दी। वहीं आदेश में कहा गया है कि, दूसरे विभाग में काम कर रहे कर्मचारियों और अधिकारियों अपने मूल विभाग में रिपोर्ट करें।

'नॉन अफिशियल स्टाफ की नियुक्ति रद्द'
दिल्ली सरकार के सेवा विभाग से जारी आदेश के अनुसार, "मुख्यमंत्री और मंत्रियों के कार्यालयों में विभिन्न विभागों, संगठनों, निगमों, बोर्डों, अस्पतालों में तैनात सभी 'नॉन अफिशियल' अधिकारी, कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से अपने कर्तव्यों से मुक्त माना जाएगा और उन्हें तत्काल प्रभाव से अपने संबंधित विभागों, बोर्डों, स्वायत्त निकायों, निगमों, अस्पतालों आदि में रिपोर्ट करना होगा।"
अधिकारी की तैनाती और नियुक्ति फिर से की जाएगी
आदेश में आगे लिखा गया है कि, एक नई चुनी हुई सरकार के गठन के साथ सभी श्रेणियों के कर्मचारियों की नई नियुक्ति की आवश्यकता होती है, क्योंकि मुख्यमंत्री और मंत्रियों के इस्तीफे के साथ ही नियुक्तियां समाप्त हो जाती हैं।
आदेश में कहा गया है कि, अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती और नियुक्ति फिर से की जाएगी। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया कि DANICS, DSS, स्टेनो श्रेणी के नियमित कर्मचारी अपनी संबंधित कार्यालयों में नए मुख्यमंत्री और मंत्रियों के अधीन काम करते रहेंगे, जब तक कि आगला आदेश न आ जाएं।
कल भी सीएम ने दो फैसले लिए थे
इससे पहले, बीजेपी विधायक रेखा गुप्ता ने गुरुवार(20 फरवरी) को रामलीला मैदान में एक भव्य समारोह में दिल्ली की मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इसके बाद, उन्होंने कुछ ही घंटों में अपने मंत्रिमंडल की पहली बैठक की और दो महत्वपूर्ण फैसले लिए।
जिसमें आयुष्मान भारत योजना को ₹5 लाख टॉप-अप के साथ लागू करना और विधानसभा की पहली बैठक में 14 लंबित CAG रिपोर्टों को प्रस्तुत करना शामिल है।












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