Delhi-NCR Air Quality: दिल्ली-NCR की हवा हुई जहरीली, 5 जगहों पर AQI 300 के पार, सांस लेना हुआ मुश्किल
Delhi-NCR Air Quality: दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण (Delhi NCR pollution) का स्तर लगातार बिगड़ता जा रहा है। बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी के 5 एयर मॉनिटरिंग स्टेशनों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 के पार पहुंच गया, जो 'बहुत खराब (Very Poor)' श्रेणी में आता है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का औसत AQI मंगलवार को 211 था, जो 'Poor' श्रेणी में आता है। लेकिन केवल एक दिन बाद ही हालात और बिगड़ गए। आनंद विहार में सबसे अधिक AQI 345 दर्ज किया गया, जबकि DU नॉर्थ कैंपस (307), सीआरआरआई मथुरा रोड (307), द्वारका सेक्टर-8 (314) और वजीरपुर (325) में भी वायु गुणवत्ता 'बहुत खराब' स्तर पर पहुंच गई।

दिल्ली के 40 में से 38 स्टेशनों से डेटा उपलब्ध
दिल्ली में कुल 40 एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन हैं, जिनमें से 38 ने बुधवार को डेटा उपलब्ध कराया। इनमें से 20 स्टेशनों पर AQI 'Poor' श्रेणी में और 13 पर 'Moderate' श्रेणी में दर्ज हुआ।
CPCB के मानकों के अनुसार -
- 0 से 50 तक AQI 'Good' माना जाता है।
- 51 से 100 तक 'Satisfactory'।
- 101 से 200 तक 'Moderate'।
- 201 से 300 तक 'Poor'।
- 301 से 400 तक 'Very Poor'।
- 401 से 500 तक 'Severe' श्रेणी में आता है।
- GRAP का स्टेज-1 लागू
बढ़ते प्रदूषण के बीच दिल्ली-NCR में GRAP (Graded Response Action Plan) का पहला चरण (Stage-1) लागू कर दिया गया। CAQM (Commission for Air Quality Management) ने कहा कि जैसे ही AQI 200 से 300 के बीच पहुंचता है, GRAP-1 लागू किया जाता है।
इस चरण के तहत 27 एहतियाती उपाय लागू किए जाएंगे, जिनमें सड़क निर्माण और मरम्मत के दौरान धूल नियंत्रण, वॉटर स्प्रिंकलिंग, एंटी-स्मॉग गन का उपयोग, और खुले में कचरा जलाने पर सख्त रोक शामिल है।
लोगों को दी गई चेतावनी
IMD और IITM की रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले दिनों में दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में और गिरावट की आशंका है। रिपोर्ट में कहा गया कि हवा की गति कम होने और तापमान गिरने से प्रदूषक तत्व वातावरण में फंसते जा रहे हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।
CAQM ने दिल्ली-NCR के लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक वाहनों का प्रयोग कम करें, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ाएं और घरों में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें। साथ ही, अस्थमा और सांस की बीमारी वाले लोगों को सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। दिवाली से पहले ही दिल्ली की हवा में ज़हर घुल चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पटाखों पर सख्ती नहीं की गई, तो हालात और बदतर हो सकते हैं।












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