'दिल्ली के एलजी साहब नहीं चाहते कि लागू हो नई सोलर नीति',मंत्री आतिशी ने उप राज्यपाल पर लगाए बड़े आरोप
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल राष्ट्रीय राजधानी में पानी, बिजली और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं को पिछले कुछ वर्षों के भीतर काफी मजबूत बनाने का दावा किया है। सीएम ने दिल्ली की नई सोलर नीति के घोषणा के साथ कहा है कि दिल्ली में 400 यूनिट से भी अधिक बिजली का उपयोग करने वालों के बिल जीरो हो जाएंगे। वहीं दिल्ली सरकारी नीतियों को लागू होने में देरी पर मंत्री आतिशी ने उप राज्यपाल को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि एलजी साहब ये चाहते हैं कि नई नीति पॉलिसी आचार संहिता लगने से पहले लागू ही ना हो।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में केजरीवाल सरकार की दो योजनाओं अधर में है। जिसमें पहली दिल्ली सोलर नीति 2024 है, जिसकी घोषणा के बाद अब तक इसे लागू नहीं किया जा सकता है। वहीं दूसरी स्कीम दिल्ली बोर्ड की ओर से दिल्लीवासियों को भेजे गए वाटर बिल में विसंगतियों को दूर करने के लिए है।

पानी बिल के लिए एकमुश्त समाधान योजना को दिल्ली सरकार ने दिल्ली वाटर बिल एकमुश्त समाधान स्कीम नाम दिया है। एलजी कार्यालय से प्रस्ताव को अनुमति मिलने के बाद भी इसे सदन में अब तक पेश नहीं किया जा सका है, जिसके चलते आम आदमी पार्टी नेता व दिल्ली सरकार के मंत्री उप राज्यपाल वीके सक्सेना और केंद्र की बीजेपी सरकार को निशाने पर ले रहे हैं।
दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने कहा कि 29 जनवरी को केजरीवाल सरकार ने दिल्ली सोलर पॉलिसी की घोषणा की, जो इस देश की सबसे शानदार सोलर पॉलिसी है। इसके तहत न केवल 400 यूनिट से ज़्यादा बिजली इस्तेमाल कर रहे उपभोगताओं का बिल जीरो हो सकता है बल्कि रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने पर उन्हें प्रति यूनिट उत्पादन के हिसाब से पैसे भी मिलेंगे।
मंत्री ने एलजी वीके सक्सेना को निशाने पर लेते हुए आगे कहा, "एलजी साहब आप संवैधानिक पद पर बैठे हैं, कृपा कर भाजपा की तरफ़ से batting करना बंद कीजिए। इस पॉलिसी से दिल्लीवालों को फ़ायदा होगा इसलिए आपसे निवेदन है, पॉलिसी में बाधा न बने और इसे लागू होने दें।"












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