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दिल्‍ली सरकार की अनूठी पहल- स्‍कूलों में शुरू की गई तकनीक आधारित शिक्षा, तनावमुक्‍त होकर सीख रहे बच्‍चे

दिल्‍ली की अरविंद केजरीवाल सरकार राजधानी के सरकारी स्‍कूलों में शिक्षा के स्‍तर को सुधारने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। जिसका परिणाम है कि आम आदमी पार्टी (AAP) की पिछली और वर्तमान सरकार में सरकारी स्‍कूलों की पढ़ाई में क्रान्तिकारी परिवर्तन आया है। वहीं अब आप सरकार ने दिल्‍ली के सरकारी स्‍कूलों में कक्षा दो से पांच तक के बच्‍चों की पढ़ाई को रोचक बनाने के लिए अनूठी पहल की है।

जिसके बारे में दिल्‍ली की शिक्षा मंत्री आतिशी ने जानकारी दी है। उन्‍होंने बताया सरकार ने दिल्‍ली के सभी सर्वोदय स्‍कूलों में पढ़ाने के तरीके में तकनीक आधारित प्रक्रिया को शुरू की है। इस रोचक और इनोवेटिक तरीके में बच्‍चे खेल-खेल में पढ़ाई करते हुए ज्ञान प्राप्‍त कर रहे हैं। बच्‍चे इस तकनीकि आधारित पढ़ाई के तरीके को बहुत पसंद भी कर रहे हैं जिसका नतीजा है कि स्‍कूलों में बच्‍चों की उपस्थिति में लगभग 10 फीसदी इजाफा हुआ है।

atishi inspected skvs school

दिल्‍ली की शिक्षा मंत्री आतिशी सोमवार को आराम बाग स्थित सर्वोदय कन्‍या विद्यालय का दौरा करने पहुंची थीं। इस स्‍कूल में भी दिल्‍ली के अन्‍य सर्वोदय स्‍कूलों के साथ सरकार के पायटल प्रोजेक्‍ट के तहत तकनीक आधारित लर्निंग प्रक्रिया शुरू की है। शिक्षा मंत्री आतिशी ने केजरीवाल सरकार द्वारा की गई इस पहल का छात्रों की शिक्षा पर क्‍या प्रभाव पड़ रहा है ये जानने के लिए बच्‍चों से बात की।

छात्र-छात्राओं का हर स्‍टेज पर होता है असेस्‍मेंट

शिक्षा मंत्री आतिशी ने बच्‍चों से मुलाकात और स्‍कूल का दौरा करने के बाद कहा ये अनूठी पहल शिक्षा प्रणाली में गेम चेंजर साबित होगी। रटने- रटाने वाली शिक्षा प्रणाली से बिलकुल अलग इस प्रक्रिया में बच्‍चों की रुचि पढ़ाई में बनी रहती है। उन्‍होंने बताया कि बच्‍चें क्‍या सीख रहे हैं इसका हर स्‍टेज पर असेस्‍मेंट भी किया जाता है, ताकि शिक्षक को समय-समय पर बच्‍चों की जरूरतों को समझ कर पढ़ाने के तरीके में फेर-बदल कर सकें।

परीक्षा देने के लिए उत्‍साहित दिखे बच्‍चे

शिक्षा मंत्री अतिशि ने कहा मैंने देखा कि सरकारी स्‍कूल में बच्‍चे कक्षा में एग्‍जाम देने के लिए उत्‍साहित और रोमांचित थे। ये पहले से विपरीत था क्‍योंकि बच्‍चे पहले परीक्षा के नाम से ही डरते थे। दिल्‍ली सरकार द्वारा की गई इस अनूठी पहल के तहत तकनीकि आधारित प्रक्रियाओं का उपयोग किया जा रहा है। ऐसा करके सरकार ने बच्‍चों की पढ़ाई और उनके असेस्‍मेंट को बिलकुल तनाव मुक्‍त और मनोरंजक बना दिया है।

क्‍या है इसका उद्देश्‍य
शिक्षा मंत्री ने बताया कि ये पढ़ाने की प्रक्रिया एक सॉफ्टवेयर और टेक्‍नोलॉजी आधारित इंटरवेंशन हैं। इसका उद्देश्‍य पढ़ाई के तरीके को मजेदार बनाकर बच्‍चों की शार्प और गतिशील बनाना है। इसके साथ ही बच्‍चों को विषयों के बारे डीप नॉलेज और सेल्‍फ असेस्‍टमेंट के लिए भी प्रेरित करता है।

जानिए क्‍या है पढ़ाने का तरीका
मंत्री ने बताया कि छात्रों को टीवी के सामने क्रमबद्ध तरीके से बैठाया जाता है। इसके साथ ही बच्‍चों के बैठने का क्रम टीवी के बगल में लीडर बोर्ड पर दिखाई देता है। 3 टीवी स्क्रीन पर प्रॉब्लम के अलग-अलग स्तरों के कई क्विज़ दिखाए जाते हैं। इसके बाद छात्र एक-दूसरे के उत्तर देते हैं और चेक करते हैं। बच्‍चे जैसे-जैसे बेहतर स्‍कोर करते है, छात्र सीटों की अदला-बदली करते है और मेरिट बोर्ड में आगे बढ़ते हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा बच्‍चों को खेलते समय सीखने में मदद करने के लिए ये उत्‍कृष्‍ठ कदम है।

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