दिल्ली HC से यस बैंक संस्थापक राणा कपूर को राहत, 466 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मिली जमानत
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय की तरफ से जांच की जा रही 466.51 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर को जमानत दे दी है। मामले में सितंबर में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 466.51 करोड़ रुपए के बैंक धोखाधड़ी मामले में यस बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक और सीईओ व अवंता समूह के प्रमोटर गौतम थापर के साथ उनकी कंपनी के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जांच एजेंसी की तरफ से आरोप लगाया गया था कि 2017-2019 की अवधि के दौरान आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग के लिए यस बंक के संस्थापक ने जालसाजी की थी। जांच एजेंसी की तरफ से यह आरोप पत्र 5 जून को राणा कपूर के विभिन्न आवासों पर तलाशी के बाद दायर किया गया था।
वहीं, मामले में राणा और थापर दोनों को इस साल फरवरी में मुंबई की एक सत्र अदालत ने 5 लाख रुपए के मुचलके पर जमानत दे दी थी। हालांकि, उन्हें अपने पासपोर्ट ईडी को जमा करने के लिए कहा गया था। जमानत की शर्तों के तहत उन्हें मामला तय होने पर प्रत्येक तारीख को अदालती सुनवाई में भी उपस्थित होने के लिए कहा गया था।
ईडी की एक रिपोर्ट के मुताबिक थापर, अवंता रियल्टी लिमिटेड, ऑयस्टर बिल्डवेल प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ ईसीआईआर दर्ज किया गया था। लिमिटेड और अन्य 2017 से 2019 की अवधि के दौरान सार्वजनिक धन के दुरुपयोग के लिए जालसाजी की थी।
इसके अलावा ईडी की तरफ से यह भी कहा गया था कि यस बैंक की तरफ से कपूर के शीर्ष पद पर रहने के दौरान 30,000 करोड़ रुपए का ऋण दिया गया था। इसके बाद इनमें से 20,000 करोड़ रुपए को अग्रिम खराब ऋण में बदल दिया गया था। साथ ही कपूर पर कुछ बड़े कॉर्पोरेट कंपनियों को लोन देने के एवज में पैसे लेने का भी आरोप है।
ये भी पढ़ें- Shraddha murder case : फरीदाबाद के जंगलों में मिला मानव धड़, दिल्ली पुलिस से किया गया संपर्क












Click it and Unblock the Notifications