Delhi Air Pollution: 'दिवाली को दोष देने वाले औरंगजेब के प्रशंसक', सिरसा ने क्यों कहा ऐसा?
Delhi Air Pollution: राजधानी दिल्ली में दिवाली के बाद वायु प्रदूषण को लेकर फिर से राजनीतिक विवाद गरमा गया है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनीष सिंह सिरसा ने कहा कि दिवाली के बाद प्रदूषण में कोई वृद्धि नहीं हुई है। उन्होंने आम आदमी पार्टी पर यह मुद्दा जानबूझकर बढ़ाने का आरोप लगाया। सिरसा ने कहा कि पटाखों से प्रदूषण नहीं हुआ है, दिल्ली में सभी ने ग्रीन पटाखे फोड़े हैं।
दिवाली भाजपा का नहीं, सनातन धर्म का पर्व है
पर्यावरण मंत्री ने अपने बयान में कहा कि दिवाली भाजपा का नहीं बल्कि सनातन हिंदू धर्म का पर्व है। कुछ लोग इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। सिरसा ने कहा कि प्रदूषण के नाम पर दिवाली जैसे धार्मिक पर्व को बदनाम करने की कोशिश हो रही है, जो पूरी तरह गलत है।

इस बार AQI में वृद्धि कम (Delhi Air Pollution)
पर्यावरण मंत्री ने अपने बयान में यह भी कहा कि इस साल दिवाली के बाद दिल्ली के वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में वृद्धि पिछले सालों की तुलना में काफी कम है। आंकड़ा पेश करते हुए उन्होंने कहा कि 2020 में दिवाली के बाद PM2.5 का स्तर 414 से बढ़कर 435 हो गया था, जबकि 2021 में यह वृद्धि 80 अंकों तक हुई थी।
'जो दिवाली को दोष दे रहे हैं, वे औरंगजेब के प्रशंसक'
सिरसा ने उन लोगों को औरंगज़ेब और अकबर के प्रशंसक करार दिया, जो दिवाली के दौरान प्रदूषण बढ़ने की बातें करते हैं। उनका कहना है कि यह कुछ लोगों को खुश करने और हिंदू परंपराओं को नीचा दिखाने के लिए कहा जा रहा है।
'दिल्ली पुलिस की नाकामी से हुआ अवैध पटाखों का इस्तेमाल' (Delhi Air Pollution)
AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने पर्यावरण मंत्री के बयान का जवाब देते हुए कहा कि यह दिल्ली पुलिस की नाकामी है, जो अवैध पटाखों की बिक्री को नहीं रोक सकी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए केवल ग्रीन पटाखों की अनुमति दी थी। AAP का दावा है कि सरकार प्रदूषण नियंत्रण को लेकर लगातार काम कर रही है, लेकिन केंद्र के अधीन आने वाली एजेंसियां इस दिशा में लापरवाह हैं।
प्रदूषण पर सियासी जंग जारी, जनता फिर बनी सवालों के घेरे में
दिवाली के बाद प्रदूषण के मुद्दे पर एक बार फिर सियासत गरमा गई है। एक ओर भाजपा के नेता इसे धार्मिक भावनाओं से जोड़ रहे हैं, वहीं आम आदमी पार्टी इसे प्रशासनिक विफलता बता रही है। इस बीच दिल्ली की जनता फिर से सांस लेने को मजबूर है, जबकि नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।












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