Delhi AQI: 'पटाखों वाली दिवाली' से दिल्ली में 'दमघोंटू' हुई हवा, AQI 500 के पार, अगले दो दिन और खतरनाक!
Delhi AQI Update: दिवाली की चमक के बीच राजधानी दिल्ली की हवा फिर जहरीली हो गई। सोमवार (20 अक्टूबर) दिवाली की रात लोगों ने जमकर पटाखे फोड़े, जिसके बाद मंगलवार (21 अक्टूबर) की सुबह दिल्ली 'धुएं की चादर' में लिपटी नजर आई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, आज दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 350 से 500 के बीच दर्ज किया गया, जो "बहुत खराब" श्रेणी में आता है। दिल्ली की वायु गुणवत्ता 'बहुत खराब' से 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच चुकी है।
कई इलाकों में हालात 'गंभीर' श्रेणी में
दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 531 दर्ज किया गया, जो सीधा "खतरनाक" स्थिति में आता है। राजधानी के करीब 38 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से ज्यादातर पर AQI 350 से ऊपर दर्ज हुआ। दिल्ली के 38 निगरानी स्टेशन में से 34 में AQI और प्रदूषण रेड जोन में दर्ज किया गया है।

🔹 नरेला में सबसे जहरीली हवा, अन्य इलाकों में भी हालत गंभीर
दिल्ली के कई हिस्सों में हालात बेहद चिंताजनक हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक आनंद विहार (500) और वजीरपुर (450) जैसे इलाकों में प्रदूषण "गंभीर" श्रेणी में पहुंच गया। नरेला में AQI 551 दर्ज किया गया, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। वहीं अशोक विहार में AQI 493 और वाहरलाल नेहरू स्टेडियम क्षेत्र के आसपास 317 दर्ज किया गया है।
दिल्ली से सटे इलाकों में भी स्थिति बेहतर नहीं है - नोएडा का AQI 369 और गाजियाबाद का 402 रहा, दोनों ही "बहुत खराब" श्रेणी में। इसके मुकाबले, चंडीगढ़ में हवा की गुणवत्ता 158 रही, जिसे "मध्यम" माना जाता है। हवा में धुआं और बदबू इतनी है कि सांस लेना मुश्किल है।
🔹 GRAP-2 लागू, पर असर सीमित
दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP-2) पहले से लागू है। इसके तहत डीजल जेनरेटर पर सख्ती, पार्किंग फीस में बढ़ोतरी और पुराने वाहनों पर पाबंदी जैसे कदम उठाए गए हैं। लेकिन दिवाली की रात नियमों की धज्जियां उड़ती रहीं। कई जगहों पर बैन के बावजूद पटाखे खुलेआम बेचे और फोड़े गए।
🔹 'ग्रीन पटाखों' पर सुप्रीम कोर्ट की छूट
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में केवल 'ग्रीन पटाखों' की सीमित समय में बिक्री और उपयोग की अनुमति दी थी। इसके मुताबिक दिवाली से एक दिन पहले और दिवाली के दिन सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे तक पटाखे जलाए जा सकते थे। लेकिन नियमों की अनदेखी के चलते प्रदूषण स्तर में तेज उछाल दर्ज किया गया।
🔹 मौसम ने बढ़ाई मुश्किलें, अब हालात और बिगड़ेंगे
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दिवाली के दिन अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 20.6 डिग्री दर्ज हुआ, जो सामान्य से 2 डिग्री ज्यादा था। ठंडी हवाओं की कमी और नमी ने प्रदूषण को नीचे रोक दिया। विशेषज्ञों के मुताबिक, मंगलवार और बुधवार को हवा की गति और कम होगी, जिससे AQI "गंभीर" श्रेणी (400 से ऊपर) में जा सकता है।
🔹 दिल्ली के लिए चेतावनी भरा हफ्ता
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने साफ चेतावनी दी है कि अगले 48 घंटे दिल्लीवालों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होंगे। लोगों को घर से बाहर निकलने से बचने, मास्क पहनने और बाहर की गतिविधियां सीमित रखने की सलाह दी गई है। दिवाली की खुशियां भले ही मनाई गईं, लेकिन अब उसी जश्न का धुआं दिल्ली की सांसों पर भारी पड़ रहा है।
🔹 प्रदूषण का स्तर स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्तर लोगों के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। इससे सांस की बीमारियां, आंखों में जलन, खांसी और गले में खराश जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
🔹 सरकार और प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
दिल्ली-NCR में यह प्रदूषण स्तर दिवाली के बाद तेजी से बढ़ा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि पटाखों, धूल और मौसम में ठहराव के चलते हवा में प्रदूषण के कण जम गए हैं। प्रशासन के लिए यह स्थिति एक गंभीर चेतावनी है। पर्यावरणविदों का कहना है कि अब सिर्फ सख्त एक्शन ही राजधानी को इस 'धुंध के जाल' से निकाल सकता है।












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