OPINION: दिल्ली सरकार की बड़ा कदम, नॉन कंफर्मिंग इंडस्ट्रियल एरिया को मिलेगी नई पहचान
दिल्ली में अब केजरीवाल सरकार औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए बड़ी पहल की है। राज्य में नए औद्योगिक क्षेत्रों को विकास के साथ राज्य में राज्य में बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर बनेंगे।
दिल्ली में केजरीवाल सरकार की नई पहल के तहत लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेगा। इसके तहत 26 गैर सूचित अस्वीकृत औद्योगिक क्षेत्रों का पुनर्विकास होने जा रहा है। केजरीवाल सरकार की ये नीति तीन चरणों में लागू होगी, जिसका उद्देश्य दिल्ली को ग्लोबल स्तर पर पहचान देना है। योजना के पहले चरण की शुरुआत परामर्शदाताओं के एक दल के गठन के साथ शुरू होगी।
नॉन कंफर्मिंग इंडस्ट्रियल एरिया के विकास के लिए 90 प्रतिशत खर्च दिल्ली सरकार करने जा रही है। सरकार का कहना है कि योजना पर प्रभावी अमल के लिए कंसल्टेंट का पैनल का गठन किया जाएगा। सरकार का मानना है कि नॉन कन्फॉर्मिंग इंडस्ट्रीयल एरिया के पुनर्विकास करने से 10 से 15 लाख लोगों को रोजगार का अवसर मिल सकेगा।

हाल ही में सीएम अरविंद केजरीवाल ने नॉन कंफर्मिंग इंडस्ट्रीयल एरिया के लिए लेआउट प्लान की प्रक्रिया शुरू करने के लिए उद्योगपतियों के साथ एक बैठक की थी। सीएम ने अपने एक बयान में कहा था कि दिल्ली सरकार की ये योजना दिल्ली को ग्लोबल पहचान देने के साथ युवाओं के लिए बड़े पैमान पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगी।
ये एरिया होंगे शामिल
दिल्ली में कुल 26 नॉन कंफर्मिंग इंडस्ट्रियल एरिया शामिल हैं। इसमें हस्तसाल पॉकेट-ए, हस्तसाल पॉकेट-डी, नरेश पार्क एक्सटेंशन, लिबासपुर, पीरागढ़ गांव, ख्याला, शालामार गांव, न्यू मंडोली, नवादा, रिठाला, स्वर्ण पार्क मुंडका, हैदरपुर, करावल नगर, डाबरी, बसई दारापुर, प्रहलादपुर बांगर, मुंडका उद्योग नगर दक्षिण, आनंद पर्बत, शाहदरा, समयपुर बादली, जवाहर नगर, सुल्तानपुर माजरा, फिरनी रोड मुंडका, रनहोला, नंगली सकरवाती और टिकरी कलां शामिल है। दिल्ली सरकार इसके साथ गोदाम क्लस्टर के लिए मुंडका (उत्तर) क्लस्टर का पुनर्वास किया जाएगा।
पुनर्विकास के लिए जारी हो चुकी है अधिसूचना
दिल्ली मास्टर प्लान 2021 के तहत नॉन कंफर्मिंग इंडस्ट्रीज और गोदाम क्लस्टर के पुनर्विकास के लिए अधिसूचना जारी की जा चुकी है। सरकार के नियम व शर्तों के मुताबिक नॉन कंफर्मिंग इंडस्ट्रियल एरिया को कम के कम 4 हेक्टेयर जमीन होनी चाहिए। जिस क्षेत्र में ऐसे औद्योगिक क्षेत्र स्थापिक किया जाना है वहां सर्वे के आधार पर क्लस्टर के अंदर 70 फीसद से अधिक जमीन पर औद्योगिक गतिविधि होनी चाहिए। फिलहाल दिल्ली में 26 नॉन कंफर्मिंग औद्योगिक क्षेत्र का पुनर्विका होना है।












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