दिल्ली सरकार की नई पहल, अब डिपो बनेंगे कमर्शियल हब, सरकार को 2,600 करोड़ राजस्व की उम्मीद
Delhi Government: लगातार घाटे में चल रही दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (DTC) को उबारने के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। डीटीसी के डिपो अब वाणिज्यिक (कमर्शियल) हब में तब्दील किए जाएंगे, जिससे कुल 2,600 करोड़ रुपये का राजस्व उत्पन्न करने का लक्ष्य रखा गया है।
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली सरकार ने बांदा बहादुर मार्ग और सुखदेव विहार डिपो के पुनर्विकास को मंजूरी दे दी है।

इनमें सरकार को सेबांदा बहादुर मार्ग डिपो से अनुमानित 1,858 करोड़ रुपये और सुखदेव विहार डिपो से 758 करोड़ रुपये की आमदनी होने की उम्मीद है।
ये हैं DTC राजस्व के प्रमुख स्रोत
इन डिपो को मल्टी-लेवल कमर्शियल प्रोजेक्ट्स के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां से राजस्व पार्किंग फीस, विज्ञापन, मोबाइल टावर की स्थापना, और ऑफिस रेंटल से उत्पन्न होगा। यह योजना न केवल डीटीसी की वित्तीय स्थिति को मजबूत करेगी, बल्कि परिवहन व्यवस्था के बुनियादी ढांचे को भी सुदृढ़ बनाएगी।
दिल्ली सरकार इस प्रोजेक्ट को स्वंय-निर्भर मॉडल (Self-sustaining model) पर लागू करेगी, जिसमें न तो डीटीसी और न ही सरकार को कोई वित्तीय निवेश करना होगा। उद्देश्य है कि डिपो के पुनर्विकास के जरिए नये संसाधनों की प्राप्ति हो और डीटीसी को घाटे की स्थिति से बाहर निकाला जा सके।
Delhi Government: CAG रिपोर्ट में डीटीसी की हालत पर जताई चिंता
इस परियोजना को 21 से 28 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें आधुनिक सुविधाओं से लैस मल्टी-लेवल पार्किंग, ऑफिस स्पेस और यात्री सुविधा केंद्रों का निर्माण किया जाएगा। दिल्ली विधानसभा में प्रस्तुत कैग (CAG) की रिपोर्ट में डीटीसी की वित्तीय स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2015-16 में डीटीसी का कुल घाटा 25,299.87 करोड़ रुपये था, जो बढ़कर वर्ष 2021-22 में 60,741.03 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। रिपोर्ट में डीटीसी के बेड़े की घटती संख्या और संचालन की कार्यक्षमता को लेकर भी चिंता जताई गई है। रिपोर्ट में यह भी सुझाव दिया गया कि डीटीसी के सुधार हेतु तत्काल और ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
Delhi Government: : DEVI इलेक्ट्रिक मिनी बसों की शुरुआत
डीटीसी के सुधार की दिशा में एक और अहम कदम के रूप में, दिल्ली सरकार ने 2 मई को 'DEVI' नामक मिनी इलेक्ट्रिक बसों को लॉन्च किया है। इनका उद्देश्य राजधानी में लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है। इसके अतिरिक्त, सरकार की योजना है कि पुराने हो चुके बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर नई इलेक्ट्रिक बसों से प्रतिस्थापित किया जाए।
दिल्ली सरकार की यह पहल न केवल डीटीसी की आर्थिक हालत को सुधारने की दिशा में एक ठोस प्रयास है, बल्कि यह दिल्लीवासियों को बेहतर, टिकाऊ और स्मार्ट परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी एक अहम कदम है। वाणिज्यिक हब बनने जा रहे डिपो भविष्य में सार्वजनिक परिवहन प्रणाली के केंद्र बिंदु बन सकते हैं।












Click it and Unblock the Notifications