खान सर विवाद में नया मोड़, रौशन आनंद की जमानत अर्जी पर होगा तगड़ा ड्रामा, कब आएगा बड़ा फैसला?
Raushan Anand vs Khan Sir: पटना में खान सर की कोचिंग से जुड़े फायरिंग और बवाल मामले में गिरफ्तार किए गए शिक्षक रौशन आनंद की कानूनी लड़ाई अब नए मोड़ पर पहुंच गई है। निचली अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद अब उनकी जमानत याचिका जिला जज की अदालत में दाखिल की गई है। इस मामले को लेकर छात्रों में लगातार नाराजगी देखी जा रही है और बीते दिनों कई बार विरोध प्रदर्शन भी हो चुके हैं।
दूसरी ओर खान सर के दोनों बॉडीगार्ड्स की जमानत याचिका खारिज हो गई है। जबकि खुद खान सर को गिरफ्तारी से अस्थायी राहत मिल चुकी है। ऐसे में इस पूरे मामले पर सभी की नजरें अदालत के अगले फैसलों पर टिकी हुई हैं।

मजिस्ट्रेट कोर्ट से नहीं मिली राहत
रौशन आनंद की जमानत याचिका सोमवार को मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास की अदालत ने खारिज कर दी थी। इसके बाद उनके वकीलों ने जिला जज की अदालत का रुख किया है। अब नई जमानत याचिका पर सुनवाई होगी और अदालत यह तय करेगी कि उन्हें राहत मिल सकती है या नहीं। पुलिस ने रौशन आनंद को 3 जून को गिरफ्तार किया था। यह कार्रवाई 2 जून को खान सर की कोचिंग के बाहर हुए हमले और गोलीबारी की घटना के बाद की गई थी।
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रिहाई की मांग को लेकर छात्रों का प्रदर्शन
रौशन आनंद की गिरफ्तारी के विरोध में छात्र लगातार आवाज उठा रहे हैं। अब तक पटना में तीन बार प्रदर्शन किए जा चुके हैं। मंगलवार को हुए विरोध प्रदर्शन में छात्रों ने सरकार और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि बिना किसी निष्पक्ष जांच समिति के किसी व्यक्ति को जेल भेजना सही नहीं है। उनका कहना था कि पहले पूरे मामले की जांच होनी चाहिए और उसके बाद ही कार्रवाई की जानी चाहिए।

छात्रों ने यह भी कहा कि रौशन आनंद से जुड़े हजारों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शन के दौरान यह सवाल भी उठाया गया कि एक आरोपी को जमानत मिल जाती है जबकि दूसरे को जेल में रखा जाता है। छात्रों का दावा था कि जो व्यक्ति मौके पर मौजूद नहीं था, वह जेल में है जबकि अन्य लोग बाहर हैं।
खान सर के दोनों बॉडीगार्ड्स की बेल पर आज सुनवाई
इसी मामले में खान सर के दोनों निजी सुरक्षा कर्मियों की जमानत याचिका पर बुधवार को फिर सुनवाई हुई। पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस से केस डायरी और दोनों आरोपियों की आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़ी जानकारी मांगी थी। अदालत ने दोनों गार्ड्स की बेल पेटीशन खारिज कर दी है।
हथियार के इस्तेमाल को लेकर उठे सवाल
सुनवाई के दौरान जिला अभियोजक की ओर से प्रदीप कुमार के हथियार के उपयोग पर सवाल उठाए गए थे। अभियोजन पक्ष (Prosecution) का कहना था कि उन्हें हथियार व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए उपलब्ध कराया गया था। अभियोजन ने अदालत में तर्क दिया कि सुरक्षा के लिए मिले हथियार का इस्तेमाल किसी भी तरह से लोगों के बीच डर का माहौल बनाने के लिए नहीं किया जा सकता। माना जा रहा है कि आज की सुनवाई में भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जा सकता है।

खान सर को गिरफ्तारी से मिली अस्थायी राहत
इस बीच फैजल खान उर्फ खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए जिला जज की अदालत ने उन्हें बड़ी राहत दी है। अदालत ने फिलहाल उनके खिलाफ किसी भी तरह की कठोर कार्रवाई पर रोक लगा दी है। कोर्ट के आदेश के बाद अगली सुनवाई या नए आदेश तक पुलिस खान सर को गिरफ्तार नहीं कर सकती। हालांकि अदालत ने उन्हें जांच में पूरा सहयोग करने का निर्देश भी दिया है।
20 जून को होगी अगली सुनवाई
खान सर की ओर से अदालत में वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद कुमार महुआर ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि गोली आत्मरक्षा में चलाई गई थी और किसी तरह का डर या दहशत फैलाना उद्देश्य नहीं था। अदालत ने उनकी दलीलें सुनने के बाद अंतरिम राहत दी और मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 जून की तारीख तय की है। अब इस पूरे प्रकरण में आने वाले दिनों में जिला अदालत के फैसले काफी अहम माने जा रहे हैं।












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