खुशखबरी, दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार लागू कर रही EV पॉलिसी, वाहनों की खरीद पर मिलेगी 40 हजार रुपये की छूट
Delhi government EV policy: दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार नई इलेक्ट्रिक वाहन (EV) नीति लाने की अपनी मंशा पहले ही जता चुकी है। उम्मीद है कि यह नीति अगले वित्तीय वर्ष 2026 से लागू होगी। दिल्ली सरकार जनवरी के पहले सप्ताह में EV नीति का मसौदा पेश करने वाली है। माना जा रहा है कि इसे जल्द ही सार्वजनिक कर दिया जाएगा।
इस नीति का मुख्य लक्ष्य दिल्ली में प्रदूषण कम करना, ईवी अपनाना बढ़ाना है। पुराने वाहनों को हटाने के उद्देश्य से दोपहिया वाहनों को पेट्रोल से इलेक्ट्रिक में बदलने पर ₹40,000 तक की बड़ी सब्सिडी प्रदान करना भी शामिल है। इसके साथ ही, ₹20 लाख तक की कारों और कॉर्मशियल तीन पहिया वाहनों पर भी महत्वपूर्ण वित्तीय राहत देने की योजना है।

दरअसल, दिल्ली की हवा में घुले ज़हर को कम करने के लिए सरकार ने अब सब्सिडी का रास्ता चुना है। सरकार की योजना के अनुसार उस शख्स को ₹35,000 से ₹40,000 तक की सब्सिडी दी जाए जो अपने पुराने पेट्रोल दोपहिया वाहन को इलेक्ट्रिक वाहन में बदलेगा।
टू-विलर खरीदने पर कैसे मिलेंगे सब्सिडी के रुपये?
यानी दिल्ली की सड़कों से धुआं छोड़ते दोपहिया वाहनों को हटाने के लिए लागू की जा रही इस नीति के तहत अगर आप अपने पुराने पेट्रोल स्कूटर को छोड़कर इलेक्ट्रिक वाहन अपनाते हैं, तो सरकार सीधे आपके बैंक खाते में एक sizable राशि ट्रांसफर करेगी। यह ग्राहकों के लिए एक बड़ा सपोर्ट भी होगा साथ ही मध्यम वर्ग को लाभ होगा जो लगातार बढ़ती पेट्रोल की कीमतों और प्रदूषण की मार झेल रहे हैं।
इलेक्ट्रानिक टू-विलर खरीदने में मिलेगा सपोर्ट
गौरतलब है कि इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन की कीमत ₹1 लाख से ₹1.5 लाख के बीच है। ऐसे में, यदि सरकार लगभग ₹40,000 तक की सब्सिडी देती है तो इससे ग्राहकों को नया इलेक्ट्रानिक वाहन खरीदने पर बड़ा सपोर्ट मिल जाएगा। यानी लगभग आधी से थोड़ी कम धनराशि सरकार देगी।
EV Policy के तहत सब्सिडी नियम हाेंगे आसान
सरकार का लक्ष्य दिल्ली को दुनिया की ईवी राजधानी बनाना है। इतना ही नहीं सब्सिडी को लेकर नियम इतने आसान बनाए जा रहे हैं जिसका लाभ आम दिल्लीवासी आसानी से ले सकेंगे। इस पॉलिसी का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए प्रेरित करना है।
मुख्यमंत्री गुप्ता ने बताया कि पेट्रोल-डीजल वाहन दिल्ली में PM2.5 और PM10 कणों के मुख्य स्रोत हैं, और ईवी अपनाने से प्रदूषण सीधा कम होगा। नए ईवी खरीदारों हेतु जीरो रोड टैक्स व रजिस्ट्रेशन फीस की मौजूदा नीति जारी रहेगी। यह लाखों रुपये बचाएगा और आंतरिक दहन इंजन (ICE) तथा ईवी की खरीद लागत का अंतर पाटेगा मुख्यमंत्री ने विनिर्माताओं को समय पर आपूर्ति व उचित मूल्य सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।
नीति दिल्ली के मौजूदा चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर भी केंद्रित है। प्रमुख सार्वजनिक स्थानों के अतिरिक्त, आवासीय कॉलोनियों के पास भी नए चार्जिंग स्टेशन बनेंगे, जिनमें बैटरी स्वैपिंग और रीसाइक्लिंग प्रावधान शामिल हैं।नई ईवी नीति पर बिजली वितरण कंपनियों, विनिर्माताओं और स्क्रैप डीलरों संग विचार-विमर्श जारी है। मुख्यमंत्री के अनुसार, मसौदा नीति जल्द सार्वजनिक होगी, ताकि नागरिकों से सुझाव आमंत्रित किए जा सकें।












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