स्वास्थ्य क्षेत्र में अहम कड़ी साबित होने जा रहा है दिल्ली के सीएम केजरीवाल का ये फैसला
कुपोषण मुक्त दिल्ली के लिए केजरीवाल सरकार कई योजनाएं चला रही है। बाल विकास विभाग की ओर से अब दिल्ली सरकार ने कुपोषण के मामलों की पहचान के लिए अहम कदम उठाया है।

दिल्ली सरकार (Delhi government) बच्चों को स्वास्थ्य बेहतर हो इसके लिए ने अपने प्रयासों को अपडेट करने निर्णय लिया। बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए दिल्ली सरकार की नई पहल काफी कारगर होगी। इससे बच्चों के पोषण से जुड़ी सटीक पूरी जानकारी आसानी से मिल सकेगी। सीएम केजरीवाल की नई व्यवस्था के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों के और अधिक प्रभावी होने की उम्मीद है। सरकार का ये प्रयास समय बचाने के साथ पूरी पारर्दशिता के साथ आंगनबाड़ी केंद्र (Anganwadi Centres) पर वर्कर्स का कार्य करने की सुविधा उपलब्ध कराएगा। इसके साथ ही बच्चों के कुपोषण से जुड़ी सटीक जानकारी दर्ज की जा सकेगी। इसके अलावा भविष्य में बच्चों के पिछले स्वास्थ रिकॉर्ड को भी देखने में आसानी होगी। दिल्ली सरकार का मानना है कि ये प्रयास राज्य से कुपोषण को पूरी तरह मुक्त करने में कारगर साबित होगा।
आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के पोषण, पोषाहार से जुड़ी जानकारी अब तक सिर्फ रजिस्टरों में दर्ज की जाती थी। जिसमें पार्दर्शिता की कमी पायी जाती थी। लेकिन अब सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों को अपडेट करने करने जा रही है। जिसके तहत तकनीकी तौर पर केंद्रों पर विकसित किया जाएगा। केजरीवाल सरकार की नई योजना के तहत ऑनलाइन व्यवस्था को बढ़ावा देने पर जोर है। दिल्ली में आंगनबाड़ी केंद्रों को अब पूरी तरह ऑनलाइन किया जाएगा। नई योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों के कर्मचारियों को स्मार्टफोन देने की व्यवस्था है।
केजरीवाल सरकार ये पहल बेहद अहम मानी जा रही है। क्योंकि आंगनबाड़ी केंद्रों पर ज्यादातर काम रजिस्टर पर या ऑफलाइन देखने को मिलता था। लेकिन अब ऑनलाइन सुविधा के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों पर कर्मचारी बच्चों के पोषण से जुड़ी समस्याओं पर अच्छी तरह से ध्यान दे पाएंगे और उन्हें समय रहते दूर किया जा सकेगा। केजरीवाल सरकार ने साल 2019 में इस योजना की शुरुआत की थी। लेकिन इसके प्रयोग को व्यापक नहीं बनाया गया था। जबकि अब स्मार्टफोन को लेकर कई ऐसे व्यवस्थाएं शुरू करने के लक्ष्य है, जिससे आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के पोषण की पूरी सटीक जानकारी मिल सकेगी।
आंगनबाड़ी केंद्रों में बेहतर होंगी सेवाएं
नए प्लान के तहत बच्चों के रिकॉर्ड भी बेहतर तरीके से मेंटेन करने की चुनौती भी खत्म होगी। बच्चों के हेल्थ से जुड़े अपडेट और जानकारियों को आसानी से दर्ज किया जा सकेगा, जो भविष्य के लिए एक अच्छा प्रयास होगा। दरअसल, दिल्ली में 10,750 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र हैं। दिल्ली सरकार इन केंद्रों में पिछले चार से हर वर्ष स्मार्ट फोन वितरित करती है। इस योजना के लिए करोड़ों का फंड दिया जाता है।
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