दिल्ली सरकार का दावा- 'राशन की डोरस्टेप डिलीवरी' पर केंद्र ने लगाई रोक, LG ने जारी किया स्पष्टीकरण
नई दिल्ली, 05 जून। कोरोना वायरस संकट के बीच एक बार फिर केंद्र सरकार और केजरीवाल सरकार के बीच तनातनी बढ़ गई है। इस बार मुद्दा बना दिल्ली में 'राशन की डोरस्टेप डिलीवरी' योजना। राजधानी में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार का दावा है कि उपराज्यपाल अनिल बैजल ने उनके महत्वाकांक्षी राशन योजना पर दो कारणों का हवाला देते हुए रोक लगा दी है। वहीं इस आरोप के बाद केंद्र सरकार ने भी स्पष्टीकरण जारी किया है।

मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से शनिवार को कहा गया कि दिल्ली सरकार 1-2 दिनों के भीतर पूरे दिल्ली में 'राशन की डोरस्टेप डिलीवरी' योजना शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार थी। एलजी ने दो कारणों का हवाला देते हुए योजना के कार्यान्वयन के लिए फाइल को खारिज कर दिया है। पहला ये कि केंद्र ने अभी तक योजना को मंजूरी नहीं दी है और दूसरा वजह यह कि मामला अदालत में चल रहा है। दिल्ली सीएमओ ने कहा कि केजरीवाल सरकार कुछ दिनों में ही दिल्लीवालों को योजना का लाभ देने के लिए तैयार थी जिससे 72 लाख गरीब लोगों को लाभ होता।
यह ही पढ़ें: दिल्ली में फिर रफ्तार भरेगी मेट्रो, DMRC ने कहा- 50% यात्री क्षमता के साथ ट्रेनों की संख्या भी होगी आधी
दिल्ली सरकार के इस दावे को खारिज करते हुए उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने कहा कि भारत सरकार ने दिल्ली सरकार से यह नहीं कहा है कि वह जिस तरह से चाहे राशन का वितरण नहीं कर सकते। भारत सरकार दिल्ली को अतिरिक्त राशन देने को तैयार है। भारत सरकार ने उन्हें केवल नियम की स्थिति के बारे में सूचित किया था। इस बीच दिल्ली के खाद्य मंत्री इमरान हुसैन ने हालांकि दावा किया कि कानून के मुताबिक इस तरह के योजना को शुरू करने के लिए किसी मंजूरी की जरूरत नहीं।












Click it and Unblock the Notifications