दिल्ली में अलग शिक्षा बोर्ड का हुआ गठन, केजरीवाल ने 'दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन' रखा नाम
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में अपने एक और वादे को पूरा कर दिया है। केजरीवाल सरकार ने मंगलवार को दिल्ली के शिक्षा बोर्ड का आधिकारिक तौर पर गठन कर दिया। दिल्ली के नए शिक्षा बोर्ड का नाम 'दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (DBSE)' रखा गया है। इस बोर्ड की शुरुआत आगामी एकेडमिक सेशन 2021-22 से की जाएगी।

इनकी राय पर मिलेगी सरकारी स्कूलों को DBSE की मान्यता
पहले DBSE के तहत एफिलिएट किए जा रहे स्कूलों का चुनाव स्कूल के अध्यापकों, प्रधानाचार्यों और अभिभावकों की राय पर किया जाना है। आपको बता दें कि, मौजूदा समय में दिल्ली में 1000 सरकारी और 1700 प्राइवेट स्कूल हैं। इनमें से ज्यादातर स्कूल CBSE से मान्यता प्राप्त हैं। वहीं, कुछ स्कूल ICSE बोर्ड के अंतर्गत आते हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा और मूल्यांकन प्रणाली
दिल्ली कैबिनेट की 6 मार्च को हुई बैठक में DBSE के गठन को मंजूरी मिली थी। उस दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि इस बोर्ड को बनाने का मकसद हैं कि हमारे छात्रों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा मिल सके। उन्होंने दावा किया था कि इस बोर्ड की मूल्यांकन प्रणाली भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर की होगी। केजरीवाल ने कहा था कि अब तक सिर्फ तीन घंटे की परीक्षा से छात्रों का मूल्यांकन होता आया है, लेकिन इस बोर्ड से सालभर बच्चों का मूल्यांकन होगा। बैठक में केजरीवाल ने कहा था कि अब यह तय करने का वक्त है कि हमारे स्कूलों में क्या पढ़ाया जा रहा है और क्यों पढ़ाया जा रहा है।
4-5 सालों में सभी स्कूलों को मिलेगी इस बोर्ड की मान्यता
केजरीवाल ने उम्मीद जताई है कि अगले 4-5 साल में सभी हितधारकों की सहमति के साथ दिल्ली के सभी सरकारी और निजी स्कूल को इस बोर्ड के अंतर्गत लाया जाएगा। इस बोर्ड के लिए एक गवर्निंग बॉडी बनाई गई है जिसकी अध्यक्षता दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया करेंगे। वहीं, सीईओ की अध्यक्षता में एग्जीक्यूटिव बॉडी भी बनाई गई है।












Click it and Unblock the Notifications