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Delhi Flood: यमुना की तेज धार में डूबा निगम बोध घाट, अंतिम संस्कार रुके, अस्थियां बहीं, टूटी दीवार से बढ़ा खतर

दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। निगम बोध घाट जलमग्न हो गया है, जिससे अंतिम संस्कार की प्रक्रिया रुक गई है और कई अस्थियां बह गई हैं। टूटी हुई दीवार से पानी तेजी से श्मशान घाट में घुस रहा है। लो

Delhi Flood: दिल्ली में यमुना का जलस्तर तेज़ी से बढ़ने के साथ कई निचले इलाक़ों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। इसी कड़ी में राजधानी का सबसे बड़ा और सबसे व्यस्त श्मशान स्थल निगम बोध घाट भी पानी में डूब गया है। यहां पर दिल्ली के साथ ग़ाज़ियाबाद और नोएडा से भी लोग अपने प्रियजनों का अंतिम संस्कार करने आते हैं, लेकिन बढ़ते जलस्तर और घाट के भीतर पानी घुसने के कारण अंतिम संस्कार फिलहाल रोक दिए गए हैं। हमारी ग्राउंड रिपोर्ट में मौके पर साफ दिखा कि तेज जलधारा ने कई चिता स्थलों को डूबो दिया और बहाव के कारण अस्थियां भी बह गईं। जो चिता स्थल ऊंचाई पर हैं, उनके परिजन अस्थियां समेटने के लिए पानी पार कर जोखिम उठाते दिखाई दिए।

Delhi Flood

Delhi Flood: सिर्फ डेढ़ साल पुरानी दीवार टूट गई

घाट परिसर में काम करने वाले आचार्यों और साधुओं ने बताया कि यमुना का पानी रोकने के लिए जो दीवार करीब डेढ़ साल पहले बनाई गई थी, वह इस बार जलस्तर बढ़ते ही टूट गई। उसी दरार से पानी तेज़ी से श्मशान तक आ गया। मौके पर एक ट्रैक्टर से पंप लगाकर पानी को वापस बड़ी सुरक्षा-दीवार के पार यमुना में फेंका जा रहा है, लेकिन यह उपाय सीमित असर दिखाता है। आचार्यों ने बताया कि नदी से सटी पुरानी बड़ी दीवार (70 के दशक से पहले बनी) आज भी मजबूती से खड़ी है; 1970 के दशक की बाढ़ और 2023 की ऐतिहासिक बाढ़ भी वह झेल चुकी है। फिर भी चिंता यह है कि अगर जलस्तर लगभग एक फीट और बढ़ा, तो पानी उस दीवार को पार कर सकता है-ऐसी स्थिति में घाट पर 10-11 फ़ीट तक पानी भरने का ख़तरा है, जिससे आसपास के इलाक़े, यहां तक कि लाल क़िला की दिशा में भी पानी बढ़ सकता है।

सरोवर स्थल तक पहुंचा पानी, 'पहचान' बनी मूर्ति भी पानी में घिरी

घाट के भीतर लगभग 10 फ़ीट ऊंचे सरोवर स्थल पर-जहां परंपरागत रूप से गंगा-यमुना मिश्रित जल से पावन स्नान कराया जाता है-से भी यमुना का तेज़ बहाव नज़रों के सामने था। नदी करीब 20 फ़ीट की दूरी पर उफनती दिखी और बहाव में पेड़ आदि बहते नज़र आए। आचार्यों ने यमुना के बीचोंबीच बाबा बालकनाथ जी की मूर्ति दिखाते हुए बताया कि "यह मूर्ति ही हमारी पहचान है; अगर यह डूब गई, तो समझो पूरा इलाक़ा बाढ़ की भयावहता की चपेट में आ जाएगा।"

अंतिम संस्कार क्यों रुके?

घाट में पानी घुसने (Delhi Flood) और दीवार का हिस्सा टूटने के बाद मौके पर मौजूद प्रबंधन व आचार्यों ने अंतिम संस्कार रोकने का निर्णय लिया। औसतन 55-60 अंतिम संस्कार प्रतिदिन होने वाले इस घाट पर अब लोगों से आग्रह किया जा रहा है कि वे अस्थियां और सामान सुरक्षित स्थान पर रख लें और वैकल्पिक श्मशानों का उपयोग करें, जब तक जलस्तर घट नहीं जाता। दिल्ली यातायात पुलिस और जल आयोग के अलर्ट के मुताबिक यमुना में बढ़ोतरी हथिनी कुंड बैराज से छोड़े गए पानी के बाद अक्सर 36-48 घंटे में दिल्ली पहुँचती है; ऐसे में स्थिति पर लगातार निगरानी ज़रूरी है।

यमुना का स्तर, ख़तरे की रेखा और 2023 का रिकॉर्ड

दिल्ली में यमुना का मानक नाप-स्थान ओल्ड रेलवे ब्रिज (ORB) है। यहाँ खतरे की रेखा 205.33 मीटर मानी जाती है, जबकि चेतावनी स्तर 204.50 मीटर है। 2023 की बाढ़ में यमुना का स्तर 13 जुलाई 2023 की शाम 6 बजे 208.66 मीटर तक गया था-यह अब तक का रिकॉर्ड उच्चतम स्तर है।
वर्तमान बाढ़ पर केंद्रीय जल आयोग (CWC) का फ्लड फोरकास्टिंग पोर्टल और आधिकारिक X हैंडल लगातार अपडेट दे रहे हैं; पाठक वास्तविक समय की स्थिति के लिए इन्हें देख सकते हैं।

ट्रैफिक और प्रशासनिक तैयारी

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने यमुना के बढ़ते जलस्तर के चलते कई रूटों पर डाइवर्ज़न और सलाह जारी की है। विशेषकर रिंग रोड, कश्मीरी गेट, सिग्नेचर ब्रिज के आसपास, राजघाट की ओर जाने वाले रास्तों पर सावधानी बरतने और वैकल्पिक मार्ग लेने को कहा गया है। लोगों से अपील है कि बाढ़ग्रस्त मार्गों पर प्रवेश न करें और आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करें।

हमारी ग्राउंड रिपोर्ट: वॉकथ्रू में भयावह तस्वीर

हमारी टीम ने निगम बोध घाट पर टूटी हुई दीवार के दृश्य अपने कैमरे में रिकॉर्ड किए। आचार्यों-साधुओं ने साफ कहा-नई दीवार के गुणवत्ता/डिज़ाइन पर सवाल उठते हैं, क्योंकि पुरानी दीवार आज भी मज़बूत है। घाट परिसर में कर्मकांड कराने वाले आचार्यों ने लोगों को फोन करके बुलाया कि वे आकर अपने परिजनों की अस्थियां समेट लें, क्योंकि पानी तेज़ी से भीतर आ रहा है। कई परिवार घुटनों तक पानी पार कर अस्थियां समेटते नज़र आए। प्रशासन की ओर से बताया गया कि ऊपर से और पानी छोड़ा गया तो रात तक जलस्तर और बढ़ सकता है-ऐसे में घाट और आसपास के हिस्सों में व्यापक जलभराव का जोखिम है। ग्राउंड रिपोर्ट का की वीडियो कवरेज आप इस यूट्यूब वीडियो में देख सकते हैं :-

क्या करें, क्या न करें

यमुना के किनारे/निचले इलाक़ों में रहने वाले लोग ऊंचे और सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट रहें।

प्रशासन/ट्रैफिक पुलिस/जल आयोग के आधिकारिक अपडेट पर ही भरोसा करें।

अनावश्यक रूप से नदी के किनारे या जलमग्न हिस्सों में न जाएं।

अंतिम संस्कार हेतु फिलहाल वैकल्पिक श्मशानों की जानकारी लें और प्रबंधन से पहले से संपर्क करें।

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