दिल्ली में दिवाली पर आग की घटनाओं में बढ़ोतरी, 318 कॉल दर्ज, टूटा पिछले 13 साल का रिकॉर्ड

दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) ने दिवाली के दौरान आग की घटनाओं में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की है। DFS के प्रमुख अतुल गर्ग के अनुसार, इस साल दिल्ली में आग से जुड़ी 318 कॉलें प्राप्त हुईं, जो पिछले 13 सालों में सबसे अधिक है। यह वृद्धि आतिशबाजी के व्यापक उपयोग के कारण हुई, जबकि सरकार ने पहले ही पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा था।

दिल्ली अग्निशमन सेवा ने दिवाली के मौके पर आग की घटनाओं से निपटने के लिए विशेष तैयारियां की थीं। शहर भर में फायर इंजन और कर्मचारियों की तैनाती की गई, और सभी कर्मचारियों की छुट्टियाँ रद्द कर दी गईं ताकि हर स्थिति से निपटा जा सके। यह कदम प्रभावी साबित हुआ, लेकिन फिर भी आग से जुड़ी घटनाओं की संख्या 318 तक पहुंच गई।

Delhi Fire brigade

आंकड़ों पर एक नजर

  • अधिकांश कॉल: 31 अक्टूबर की शाम 5 बजे से 1 नवंबर की सुबह 5 बजे तक आईं।
  • पिछले साल: इसी अवधि में 201 कॉल आई थीं।
  • पीक आवर्स: शाम 6 बजे से आधी रात तक (176 कॉल), फिर आधी रात से सुबह 6 बजे तक (144 कॉल)।

आतिशबाजी के उपयोग से बढ़ा प्रदूषण
दिवाली के दौरान पटाखों के उपयोग से दिल्ली में घना धुआं और शोर प्रदूषण हुआ। सरकार ने पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री, और उपयोग पर प्रतिबंध लगाया था, लेकिन इसके बावजूद व्यापक उल्लंघन देखने को मिला। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने 377 प्रवर्तन टीमों को दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में तैनात किया, ताकि नियमों का पालन हो और पर्यावरणीय नुकसान कम किया जा सके। इसके बावजूद, वायु और ध्वनि प्रदूषण गंभीर स्तर पर पहुंच गया, जिससे पर्यावरणीय चिंताएं बढ़ गईं।

पुलिस द्वारा कानूनी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने प्रतिबंध का पालन सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न इलाकों में गश्त की और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। भारतीय दंड संहिता (BNS) की धाराओं के तहत प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का प्रावधान किया गया।

घातक घटनाएं
दिवाली के दौरान आग की घटनाओं के बीच, DFS ने तीन घातक घटनाओं की भी सूचना दी...

  • सागरपुर: दो आत्महत्याएं दर्ज की गईं, जिनमें 44 वर्षीय मदनलाल और 22 वर्षीय तुषार शामिल थे। पुलिस ने दोनों घटनाओं को गैर-संदिग्ध माना है।
  • दरियागंज: 52 वर्षीय व्यक्ति की बहु-अंग विफलता के कारण मृत्यु हो गई।

ऐतिहासिक आंकड़े: दिवाली पर आग की घटनाएं

पिछले कुछ वर्षों में दिवाली के दौरान आग से संबंधित घटनाओं की संख्या में उतार-चढ़ाव देखा गया है। लेकिन इस साल की 318 घटनाएं पिछले रिकॉर्ड को पार कर गई हैं। आइए जानते हैं आंकड़ों में...

| वर्ष | आग से जुड़ी कॉलें|
| 2011 | 206 |
| 2012 | 184 |
| 2013 | 177 |
| 2014 | 211 |
| 2015 | 290 |
| 2016 | 243 |
| 2017 | 204 |
| 2018 | 271 |
| 2019 | 245 |
| 2020 | 205 |
| 2021 | 152 |
| 2022 | 201 |
| 2023 | 318 |

इस साल की दिवाली पर दिल्ली में आग की घटनाओं की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि देखी गई, जो पिछले 13 वर्षों का उच्चतम स्तर है। हालांकि DFS की व्यापक तैयारी ने आग की घटनाओं को नियंत्रित करने में मदद की, फिर भी पटाखों के प्रतिबंध को पूरी तरह से लागू करने और प्रदूषण के स्तर को कम करने में चुनौतियां बनी रहीं। आतिशबाजी से जुड़े उल्लंघन और इसके परिणामस्वरूप हुए पर्यावरणीय नुकसान को देखते हुए, भविष्य में अधिक सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि नागरिकों की सुरक्षा और पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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