Delhi Election 2025: झुग्गी-झोपड़ी के वोटरों पर क्यों है BJP की नजर? 50 सीटों की ताकत समझिए!
Delhi Assembly Election 2025: बीजेपी मानकर चल रही है कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) की असली ताकत झुग्गी-झोपड़ी के वोटरों में है। इसलिए लोकसभा चुनावों से पहले से पार्टी झुग्गी-झोपड़ी इलाकों पर बहुत ही ज्यादा फोकस कर रही है। सोमवार को जिस तरह से दिल्ली की मुख्यमंत्री और आप नेता आतिशी ने भाजपा की रणनीति पर निशाना साधा है, उससे इस वोट बैंक की ताकत को समझा जा सकता है।

झुग्गियों में रात्रि विश्राम, आप हुई बीजेपी से परेशान!
आतिशी ने कहा, 'शॉल, सूट या 500 रुपए आपको 5 साल काम नहीं देंगे। आपका काम अरविंद केजरीवाल के कार्यों से ही चलेगा, मुफ्त बिजली, झुग्गियों में मुफ्त पानी, सरकारी स्कूलों में अच्छी शिक्षा, मोहल्ला क्लिनिक और अस्पतालों के माध्यम से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, महिलाओं के लिए बसों में फ्री यात्रा और महिलाओं को हर महीने 2,100 रुपए का भत्ता।'
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उन्होंने बीजेपी के नेताओं के झुग्गियों में रात्रि विश्राम के कार्यक्रम को लेकर कहा है,'बीजेपी के नेता जहां भी रात में पहुंचते हैं और रात्रि बिताते हैं, कुछ महीनों बाद उन्हीं झुग्गियों को गिराने के लिए पहुंचते हैं। इसके कई उदाहरण हैं। बीजेपी नेताओं ने सुंदर नर्सरी की झुग्गियों का दौरा किया, बच्चों के साथ लूडो,कैरम जैसे खेल खेलते हुए तस्वीरें खिंचवाईं और उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट किया।
उन्होंने आगे दावा किया कि 'कुछ ही महीनों बाद कड़ाके की सर्दियों में बीजेपी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने कोर्ट से सुंदर नर्सरी झुग्गी गिराने की इजाजत ले ली।' उन्होंने पूसा इंस्टीट्यूट में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के लिए उस रूट पर पड़ने वाली झुग्गियों को पर्दे से ढकने का मसला भी उठाया।
वोट बैंक खिसकने से हुई आप परेशान- बीजेपी
दिल्ली के सीएम के इन आरोपों पर दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने आतिशी पर पलटवार करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल और आतिशी दोनों अच्छी तरह से समझ चुके हैं कि उन्होंने अपना आखिरी वोट बैंक यानी झुग्गीवासियों को भी गंवा दिया है।
उन्होंने कहा कि आतिशी संवैधानिक पोस्ट पर हैं और उन्हें अच्छी तरह से पता है कि एसपीजी की सुरक्षा की वजह से पीएम जहां जाते हैं, उसके 500 मीटर के दायरे को सैनिटाइज किया जाता है और बैरिकेडिंग लगाई जाती है। खुद सीएम होने के नाते आतिशी के आवास के आसपास भी करीब 100 मीटर के दायरे में ऐसा किया जाता है।
50 सीटों पर झुग्गीवालों का दम,करीब 25 पर तय करेंगे नतीजे!
दरअसल, एक अनुमान के मुताबिक दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में से लगभग 50 सीटों में में झुग्गी-झोपड़ियां हैं, जहां रहने वाले लोग एक बहुत बड़ा वोट बैंक हैं। 25 सीटों पर तो माना जाता है कि झुग्गी-झोपड़ियों से ही चुनाव का परिणाम तय होता है। यहां की की करीब 750 बस्तियों में अनुमानित तौर पर 30 लाख लोग रहते हैं, जिनमें से करीब 15 लाख मतदाता हैं। दिल्ली के लगभग 1.5 करोड़ वोटों का यह 10वां हिस्सा है।
कांग्रेस से आप में शिफ्ट हुआ वोट बैंक!
दिल्ली के जिन विधानसभा क्षेत्रों में झुग्गीवासियों के वोट चुनाव नतीजे तय कर सकते हैं, उनमें वजीरपुर, मॉडल टाऊन, नरेला, आदर्श नगर, संगम विहार, राजेंद्र नगर, तुगलकाबाद, बदरपुर, अंबेडकर नगर, सीमापुरी, बाबरपुर, कोंडली, त्रिलोकपुरी, ओखला,मोती नगर ,मादीपुर, शालीमार बाग, मटियाला और किरारी शामिल हैं। माना जाता है कि यह वोट बैंक पहले कांग्रेस की ओर झुका होता था। लेकिन, 2013 के दिल्ली विधानसभा चुनावों के बाद से इसका झुकाव आम आदमी पार्टी की ओर हो गया।
यह 2020 के विधानसभा चुनावों में तीनों दलों के वोट शेयर को देखकर भी समझा जा सकता है। बीजेपी को 67 सीटों पर लड़ने के बाद करीब 39% वोट मिले, वहीं आम आदमी पार्टी को 70 सीटों पर लगभग 54% वोट प्राप्त हुए। वहीं कांग्रेस मात्र 4% वोटों पर सिमट गई।
दिल्ली बीजेपी के एक नेता ने वनइंडिया से बातचीत में दावा किया है कि 'झुग्गियों से आम आदमी पार्टी का वोट खिसक गया है। कांग्रेस के भी उतरने से उसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। लोकसभा चुनाव साथ लड़ने पर भी उन्हें नुकसान पहुंचा था। इसी से परेशान होकर आप के नेता आरोप लगा रहे हैं।'
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इस साल हुए लोकसभा चुनावों में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने गठबंधन के तहत सातों सीटें लड़ीं। इसमें आप को लगभग 24% वोट मिले वहीं, कांग्रेस का वोट शेयर बढ़कर करीब 19% पहुंच गया। जबकि, बीजेपी को अकेले लगभग 54% वोट मिले।












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