Delhi Election 2025: कांग्रेस 'घोषणापत्र' में करेगी ये 5 बड़े वादें! महिलाओं को हर महीने ₹3000 और भी बहुत कुछ
Delhi Election 2025: कांग्रेस दिल्ली में अपने खास "गारंटी" अभियान को शुरू करने की तैयारी कर रही है, जिसका लक्ष्य फरवरी में होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनावों में मजबूत वापसी करना है। सूत्रों ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित वरिष्ठ नेता 6 जनवरी से चरणबद्ध तरीके से इन 5 वादों को जनता के सामने रखेंगे। जिसे कांग्रेस अपने 'घोषणापत्र' में भी जगह देगी।
कांग्रेस नेता मतदाताओं को लुभाने के लिए पांच सूत्रीय रणनीति पर काम कर रहे हैं, जिसमें कल्याणकारी योजनाओं और वित्तीय प्रोत्साहनों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इन "शीर्ष पांच गारंटियों" का अनावरण 6 जनवरी से 12 जनवरी के बीच एक के बाद एक किया जाएगा। आइए जानें क्या हैं वे 5 बड़े वादें?

🔴 1. महिला प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) योजना (Mahila Direct Benefit Transfer (DBT)
कांग्रेस ने महिला मतदाताओं को 2,500 से 3,000 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता प्रदान करने का वादा करेगी, जिसका उद्देश्य आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ाना है।
🔴 2. स्वास्थ्य बीमा योजना (Health insurance scheme)
कांग्रेस द्वारा व्यवहार्यता सुनिश्चित करने के लिए विशिष्ट शर्तों के साथ सार्वभौमिक स्वास्थ्य बीमा कवरेज का प्रस्ताव देने की उम्मीद है।
🔴 3. युवाओं को रोजगार गारंटी (Youth job guarantee)
बेरोजगार युवाओं को टारगेट करते हुए कांग्रेस युवाओं को नौकरी या उनके लिए किसी खास तरह की स्कीम शुरू करने की योजना बना रही है, जिससे पहली बार मतदान करने वाले और नौकरी चाहने वाले युवाओं को आकर्षित करने की उम्मीद है।
🔴 4. श्रम आय गारंटी योजना (Labour income guarantee scheme)
श्रम आय गारंटी योजना, इस कार्यक्रम का उद्देश्य श्रमिक वर्ग के लिए एक स्थिर आय सुनिश्चित करना है।
🔴 5. सभी के लिए राशन (Ration for all) और 400 यूनिट फ्री बिजली
शहरी गरीब परिवारों को रियायती दर पर राशन देने का वादा करके कांग्रेस अपने पारंपरिक वोट बैंक को पुनर्जीवित करना चाहती है। जो अब बड़े पैमाने पर आप की ओर शिफ्ट हो गए हैं। इसके अलावा कांग्रेस 400 यूनिट फ्री बिजली का भी वादा कर सकती है।
Delhi Chunav 2025: दिल्ली चुनाव में क्या है कांग्रेस की स्थिति?
आगामी दिल्ली चुनावों में कांग्रेस को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। 2013 तक लगातार 15 वर्षों तक सत्ता में रहने के कांग्रेस को दिल्ली में अपना पैर जमाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। पिछले दो विधानसभा चुनावों में पार्टी एक भी सीट हासिल करने में विफल रही है, जो AAP के प्रभुत्व और भाजपा की दृढ़ता के कारण फीका पड़ गया है।
यह चुनाव कांग्रेस, AAP और भाजपा के बीच त्रिकोणीय मुकाबला बनता जा रहा है। विपक्षी दल इंडिया ब्लॉक में सहयोगी होने के बावजूद, कांग्रेस और AAP दिल्ली में एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं।
अब तक, कांग्रेस ने 70 सदस्यीय विधानसभा के लिए 48 उम्मीदवारों की घोषणा की है, जिसमें से तीन सूचियां जारी की गई हैं। वरिष्ठ नेता अलका लांबा कालकाजी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगी, जहां उनका मुकाबला AAP नेता और दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी से होगा।












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