Delhi Chunav: दिल्ली चुनाव में ओवैसी इन 10 सीटों पर बिगाड़ेंगे केजरीवाल का गेम, AAP के लिए क्यों खतरा है AIMIM
Delhi Election 2025: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) आगामी दिल्ली चुनावों में 10 से 12 सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बना रही है। हालांकि AIMIM ने अब तक केवल दो उम्मीदवारों की घोषणा की है।
मुस्तफाबाद से ताहिर हुसैन और ओखला से जामिया एलुमनाई एसोसिएशन (AAJMI) के अध्यक्ष शफूर रहमान। AIMIM की दिल्ली इकाई, पार्टी अध्यक्ष और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी अगले दो से तीन दिनों में बाकी आठ ये दस सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर सकते हैं।

AIMIM के सूत्रों के मुताबिक दिल्ली इकाई बाबरपुर, बल्लीमारान, चांदनी चौक, ओखला, जंगपुरा, सदर बाजार, मटिया महल, कारवां नगर और सीलमपुर से चुनाव लड़ने की इच्छुक है। इनमें से अधिकांश निर्वाचन क्षेत्रों में मुसलमानों की बड़ी आबादी है। करवां नगर में मुसलमानों की आबादी कम है। करवां सीट को 2020 में भाजपा ने जीता था दिल्ली दंगों के एक अन्य आरोपी शाहरुख पठान को AIMIM सीलमपुर से टिकट दे सकती है।
अगर एआईएमआईएम जंगपुरा में अपना उम्मीदवार उतारती है तो उसका मुकाबला आप के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से होगा। भाजपा ने तरविंदर सिंह मारवाह को मैदान में उतारा है जबकि कांग्रेस ने पूर्व पार्षद फरहाद सूरी को टिकट दिया है।
AIMIM इन 10 सीटों पर उतार सकती है उम्मीदवार?
- 1. ओखला विधानसभा सीट: शफूर रहमा
- 2. मुस्तफाबाद विधानसभा सीट : ताहिर हुसैन
- 3. सीलमपुर विधानसभा सीट
- 4. बाबरपुर विधानसभा सीट
- 5. मटिया महल विधानसभा सीट
- 6. बल्लिमारान विधानसभा सीट
- 7. चांदनी चौक विधानसभा सीट
- 8. सदर बाजार विधानसभा सीट
- 9. जंगपुरा विधानसभा सीट
- 10. सीमापुरी विधानसभा सीट
AIMIM से आम आदमी पार्टी को सबसे ज्यादा खतरा?
एआईएमआईएम के मुस्लिम बाहुल्य सीट पर उम्मीदवार उतारने के फैसले से सबसे ज्यादा नुकसान आम आदमी पार्टी को हो सकता है। क्योंकि अगर ध्रुवीकरण हुआ तो फिर आप उम्मीदवार मनीष सिसोदिया से लेकर अमानतुल्लाह खान तक की चुनौती बढ़ सकती है। ये सभी विधानसभा क्षेत्र AAP की मौजूदा सीटें हैं, जिन्हें वह पिछले दो कार्यकाल से जीतती आ रही है, सिवाय करवां नगर के, जिसे 2020 में भाजपा ने जीता था।
दिल्ली के मुस्सिम ज्यादातर आप के और कांग्रेस के कोर वोटर माने जाते हैं, ऐसे में AIMIM ने सेंध लगाई तो आप का गेम बिगड़ सकता है। अगर वह जंगपुरा में उम्मीदवार उतारती है, तो AIMIM का मुकाबला AAP के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से होगा।
क्या AIMIM दिल्ली चुनाव में बन सकती है किंगमेकर?
एआईएमआईएम की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष शोएब जामई ने कहा कि पार्टी के पास किंगमेकर बनने की गुंजाइश है। उन्होंने कहा कि पार्टी किसी भी पार्टी का समर्थन करेगी जो भाजपा को हराएगी और भविष्य में भी उसे हरा सकती है।
दिल्ली दंगों के आरोपी ताहिर हुसैन को मुस्तफाबाद से और मामले में एक अन्य आरोपी को ओखला से मैदान में उतारने की संभावना पर शोएब ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को चुनाव लड़ने का अधिकार है। उन्होंने कहा, "अन्य पार्टियां भी ऐसे उम्मीदवारों को मैदान में उतार रही हैं जो जेल जा चुके हैं।"
AIMIM ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली और मुस्लिम बहुल निर्वाचन क्षेत्रों के कुछ वार्डों से नगर निगम चुनाव लड़ा था। ओवैसी ने राष्ट्रीय राजधानी में प्रचार किया था, लेकिन पार्टी को कोई सफलता नहीं मिली।
विधानसभा चुनावों में छोटी पार्टियां आप और भाजपा के लिए कोई बड़ी चुनौती पेश नहीं कर पाई हैं, क्योंकि दोनों दलों के बीच मुकाबला दो-ध्रुवीय रहा है। इस क्षेत्र में तीसरे नंबर की पार्टी कांग्रेस का वोट प्रतिशत हाल के दिनों में कम हुआ है और पिछले विधानसभा चुनावों में यह घटकर 4% रह गया। लेकिन आप को नुकसान ज्यादा हो सकता है क्योंकि वो 10 सालों के एंटी इनकंबेंसी का सामना कर रही है। वहीं केजरीवाल से लेकर सिसोदिया तक जैसे नेता घोटाले के आरोप में फंसे हैं।












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