Delhi Crime: ‘सुसाइड नहीं, हत्या, कॉल करके बुलाया',भाई के दावे से सनसनी, दिल्ली कार में मिली 3 लाशों का सच?
Delhi Crime News: दिल्ली की सड़कों पर अक्सर ट्रैफिक जाम और हादसों की खबरें आती हैं, लेकिन पीरागढ़ी फ्लाइओवर के पास खड़ी एक सफेद कार ने जो रहस्य खड़ा किया है, उसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है। कार के अंदर मिले तीन शव, पुलिस का सुसाइड एंगल और परिजनों का मर्डर का दावा - इस केस ने अब क्राइम थ्रिलर जैसा रूप ले लिया है। ये मामला 8 फरवरी को सामने आया।
घटना के 18 घंटे बाद भी यह साफ नहीं हो पाया है कि आखिर उस कार के अंदर क्या हुआ था। उल्टा, जैसे-जैसे समय बीत रहा है, सवाल और गहराते जा रहे हैं। दिल्ली पुलिस को 8 फरवरी की दोपहर करीब 3.50 बजे एक PCR कॉल मिली। कॉल में बताया गया कि पीरागढ़ी फ्लाइओवर के पास खड़ी एक कार में लोग काफी देर से निष्क्रिय बैठे हैं। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो कार के अंदर का मंजर डराने वाला था।

दिल्ली के कार में मिली तीन लाशें किसकी थी?
सफेद टाटा कार के अंदर दो पुरुष और एक महिला मृत अवस्था में मिले। पुलिस ने मृतकों की पहचान रणधीर (76), शिव नरेश सिंह (47) और लक्ष्मी देवी (40) के रूप में की है।
रणधीर और शिव नरेश सिंह दोनों बापरोला इलाके के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, कार रणधीर की थी और वही उसे चला रहे थे। रणधीर और शिव नरेश एक-दूसरे को पहले से जानते थे। शिव नरेश उनके लिए प्रॉपर्टी से जुड़ा काम देखता था।
दिल्ली पुलिस का शुरुआती एंगल - सुसाइड
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में तीनों शवों पर किसी तरह की बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। इसी वजह से पुलिस फिलहाल इस मामले को सुसाइड के नजरिए से देख रही है। आशंका जताई जा रही है कि तीनों ने किसी जहरीले पदार्थ का सेवन किया हो।
हालांकि, पुलिस खुद मान रही है कि एक ही कार में तीन लोगों की अचानक मौत सामान्य मामला नहीं है। इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
'सुसाइड नहीं, हत्या है' - भाई का बड़ा दावा
मामले ने तब नया मोड़ ले लिया, जब मृतक शिव नरेश के भाई राम नरेश सामने आए। मीडिया चैनल को दिए इंटरव्यू में राम नरेश ने पुलिस की सुसाइड थ्योरी को सिरे से खारिज कर दिया।
राम नरेश का दावा है कि उनके भाई को फोन करके बुलाया गया था। उन्होंने बताया कि शिव नरेश का हेलमेट भी कार के अंदर पड़ा मिला, जिससे साफ होता है कि वह अपनी मर्जी से नहीं, बल्कि किसी के बुलावे पर वहां पहुंचे थे। उनका आरोप है कि यह साजिशन हत्या है और इसके पीछे प्रॉपर्टी से जुड़ा कोई विवाद हो सकता है।
कार, मालिक और कर्मचारी - क्यों उलझ रहा है दिल्ली का ये केस
इस केस को और पेचीदा बनाता है तीनों मृतकों का आपसी संबंध। रणधीर कार के मालिक थे और शिव नरेश उनके लिए प्रॉपर्टी का काम संभालता था। सवाल यह भी है कि इस पूरी कहानी में लक्ष्मी देवी की मौजूदगी क्या इशारा करती है।
पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि तीनों एक साथ वहां कैसे पहुंचे, आखिरी बार किससे बात हुई, क्या किसी तरह का प्रॉपर्टी विवाद चल रहा था और इन सभी सवालों के जवाब फिलहाल अधूरे हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज
दिल्ली पुलिस का कहना है कि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही साफ हो पाएगी। क्या यह मामला जहर खाने का है, गैस लीक का है या फिर किसी सुनियोजित साजिश का - इसका जवाब मेडिकल जांच के बाद ही मिलेगा। फिलहाल कार को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच की जा रही है और घटनास्थल से हर संभावित सबूत जुटाया गया है।
कई सवाल, कोई ठोस जवाब नहीं
- अगर यह सुसाइड था, तो तीन लोग एक साथ क्यों?
- अगर हत्या है, तो तरीका क्या था?
- कार के अंदर कोई संघर्ष के निशान क्यों नहीं?
- ये ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब अभी किसी के पास नहीं है।
मिस्ट्री और गहराई
पीरागढ़ी फ्लाइओवर पर खड़ी एक कार अब सिर्फ वाहन नहीं, बल्कि तीन जिंदगियों के अंत और एक बड़े रहस्य की गवाह बन चुकी है। पुलिस और परिजन अलग-अलग दावे कर रहे हैं, लेकिन सच्चाई फिलहाल अंधेरे में है।
अब सबकी नजरें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं। वही तय करेगी कि यह मामला सुसाइड था या सच में एक परफेक्ट मर्डर। तब तक दिल्ली की यह कहानी लोगों के दिमाग में सवाल बनकर घूमती रहेगी।
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