दिल्ली: आप नेता सत्येंद्र जैन को राउज एवेन्यू कोर्ट से झटका, जमानत याचिका खारिज
मनी लांड्रिंग मामले में जून में गिरफ्तार आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री सत्येंद्र जैन अभी जेल में ही रहेंगे। गुरुवार को राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया है। मामले में सुनवाई कर रही बेंच ने 10 नवंबर को ही फैसला सुरक्षित रख लिया था। वहीं, इससे पहले पिछली सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आरोप लगाते हुए कहा था कि मंत्री को वीआईपी ट्रीटमेंट मिल रहा है। मंत्री की जेल में मालिश की जा रही है। हालांकि, इस आरोप को जैन के वकील ने पूर्वाग्रह से ग्रसित होना बताया था।

आपको बता दें कि सीबीआई ने अगस्त 2017 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जैन के खिलाफ मामला दर्ज किया था। वहीं, इसके एक साल बाद ईडी ने जैन, उनकी पत्नी और उनके चार सहयोगियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में आरोप पत्र दायर किया था। ईडी ने आरोप लगाया है कि जैन ने 2015-16 की अवधि के दौरान, जब वह एक लोक सेवक थे, कुछ कंपनियों के "लाभदायक स्वामित्व और नियंत्रण" थे। इस दौरान उन्होंने "कोलकाता स्थित मुखौटा कंपनियों से 4.81 करोड़ रुपए का धन मिला था। उन्हें ये रुपए हवाला रकम के जरिए प्राप्त हुई थी।
सह आरोपी की भी याचिका खारिज
गुरुवार को सुनवाई करते हुए जज विकास ढुल ने मामले में सह-आरोपी वैभव और अंकुश जैन की भी जमानत खारिज कर दी। इससे पहले बुधवार को जज विकास ढुल ने बुधवार को सुनवाई करते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया था। बता दें कि जैन को जून में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया था। इस वक्त वह तिहाड़ जेल में बंद हैं।
वहीं, सितंबर में जब सभी आरोपियों की जमानत की सुनवाई अंतिम चरण में थी, तब ईडी ने एक आवेदन दायर कर पक्षपात की आशंका जताते हुए मामले को विशेष न्यायाधीश गीतांजलि गोयल की अदालत से नए न्यायाधीश को स्थानांतरित करने की मांग की थी। साथ ही एजेंसी ने कहा था कि मंत्री ने दिल्ली सरकार की तरफ से संचालित लोकनायक जय प्रकाश अस्पताल से एक रिपोर्ट प्राप्त करके अपनी बीमारी को झूठा बनाया था। यह जानने के बावजूद भी निचली अदालत के जज रिपोर्ट की सत्यता की जांच नहीं कराई थी।
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