दिल्ली सीएम केजरीवाल को भेजे गए समन पर मंत्री गोपाल राय का आरोप- भाजपा के दबाव में ED बार-बार समन भेज रही
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरी अरविंद केजरीवाल को धन शोधन निवारण अधिनियम (वाल को प्रवर्तन निदेशालय ने अब जल बोर्ड घोटाले में समन भेजा है। इस समन पर आम आदमी पार्टी ने साफ कर दिया है कि दिल्ली जल बोर्ड (DJB) में कथित अनियमितताओं से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में जारी प्रवर्तन निदेशालय के समन में शामिल नहीं होंगे।

आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी समन को 'अवैध' बताया हैं। इसके साथ ही केंद्र की भाजपा सरकार पर केजरीवाल को निशाना बनाने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
दिल्ली के मंत्री और आप नेता गोपाल राय का कहा "समन राजनीति से प्रेरित हैं। ईडी और सीबीआई ने बीजेपी के दबाव के कारण समन भेजा है। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने बार-बार कहा है कि यह अवैध है... ईडी ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और कहा कि समन वैध था।
उन्होंने कहा अदालत ने अरविंद केजरीवाल ने जमानत दे दी। उन्होंने कहा वे बार-बार समन भेजने के लिए इतने बेचैन क्यों हैं। अदालत को तय करने दीजिए कि यह अवैध है या कानूनी?"
बता दें ईडी ने केजरीवाल को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अपना बयान देने के लिए 18 मार्च को एपीजे अब्दुल कलाम रोड स्थित अपने कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा था।
वहीं पहले भी आम आदमी पार्टी ने शराब नीति घोटाले पर एक बाद एक समन सीएम केजरीवाल को भेजने का "राजनीतिक साजिश" का संकेत दिया था। आ ने ईडी के समन को लोकसभा चुनाव में प्रचार करने से रोकने के लिए एक "बैकअप" योजना करार दिया था।
इसके अलावा दिल्ली की केजरीवाल सरकार की मंत्री आतिशी ने एक दिन पहले रविवार को इस समन पर कहा था कि "कोई नहीं जानता कि यह दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) मामला किस बारे में है। यह किसी भी तरह केजरीवाल को गिरफ्तार करने और उन्हें लोकसभा चुनाव में प्रचार करने से रोकने की एक बैकअप योजना लगती है।












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