'आज एक और लव लेटर आया है…', दिल्ली सीएम केजरीवाल ने फिर साधा LG पर निशाना
CM Arvind Kejriwal Vs LG VK Saxena: दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल और उपराज्यपाल विनय सक्सेना के बीच तकरार बढ़ती ही जा रही है। बीते दिनों उपराज्यपाल विनय सक्सेना पर तंज कसते हुए केजरीवाल ने कहा था कि, जितना एलजी साहब मुझे पत्र लिखते हैं, उतना तो मेरी पत्नी भी नहीं पत्र लिखती है। केजरीवाल के इस तंज पर लोगों ने भी मजाकिया अंदाज में कमेंट किया था। वहीं, अब एक बार फिर दिल्ली सीएम ने बताया कि आज एक और लव लेटर आया है...

सीएम केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए लिखा कि- आज एक और लव लेटर आया है...। इसके बाद अपने अगले ट्वीट में सीएम ने लिखा, "बीजेपी LG के जरिए दिल्ली के लोगों की जिंदगी तबाह करने पर तुली है। रोज ये लोग किसी ना किसी बात को लेकर बखेड़ा कर देते हैं। मैं दिल्लीवासियों को भरोसा दिलाता हूं- जब तक आपका ये बेटा जिंदा है, चिंता मत करना। आपका बाल भी बांका नहीं करने दूंगा।"
इससे पहले दिल्ली सीएम ने दिल्ली उपराज्यपाल पर तंज कसते हुए लिखा था, "LG साहिब रोज मुझे जितना डांटते हैं, उतना तो मेरी पत्नी भी मुझे नहीं डांटतीं। पिछले छ महीनों में LG साहिब ने मुझे जितने लव लेटर लिखे हैं, उतने पूरी जिदगी में मेरी पत्नी ने मुझे नहीं लिखे। LG साहिब, थोड़ा chill करो। और अपने सुपर बॉस को भी बोलो, थोड़ा chill करें।
वहीं उपराज्यपाल ने भी अब उनके बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि उनके पत्र को आम आदमी पार्टी की सरकार को कर्तव्य पत्र के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए। क्योंकि वो शहर के संवैधानिक अभिभावक हैं।केजरीवाल को शुक्रवार को लिखे पत्र में उपराज्यपाल ने कहा कि उम्मीद है कि उनके संचार को "प्रेम पत्र" के रूप में नहीं, बल्कि कर्तव्य पत्र के रूप में लिया जाएगा। साथ ही उपराज्यपाल ने अपने 6 पन्नों के पत्र के जरिए मुख्यमंत्री केजरीवाल और उनके सहयोगियों पर "संवैधानिक कर्तव्यों से भागने" और सभी सीमाओं को पार करने" का भी आरोप लगाया है।
उपराज्यपाल ने अपने पत्र के जरिए कहा कि यह बहुत ही निराशाजनक है कि जब हम सरकार की कोई कमियां उजागर करते हैं तो मुख्यमंत्री और उनके सहयोगी उसका मजाक उड़ाते हैं और मुझपर आरोप लगाकर जनता को गुमराह करते हैं। केजरीवाल सरकार पर आरोप लगाते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि यहां की सरकार विज्ञापनों के आधार पर चल रही है। सरकार की तरफ से जनता के सरोकारों को ध्यान में रखकर काम नहीं किया जा रहा है।
उपराज्यपाल ने केजरीवाल को लिखे अपने पत्र के जरिए सिसोदिया की तरफ से बुधवार को लगाए गए आरोपों का भी जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि वह अपने संवैधानिक कर्तव्यों के निर्वहन में पूरी तरह से निष्पक्ष रहे हैं। मैंने डीडीए, एमसीडी और दिल्ली पुलिस सहित सभी विभागों में खामियों को उजागर करने और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने की कोशिश की है। मैंने सिसोदिया के आरोप पर टोल टैक्स संग्रह से विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। जिसके बाद मुझे यह पता चला है कि एमसीडी ने समय पर भुगतान नहीं करने के लिए निजी एजेंसी के अनुबंध को रद्द कर दिया है। साथ ही एजेंसी से वसूली के लिए कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली हाई कोर्ट, बॉम्बे हाई कोर्ट और नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में भी विचाराधीन है।
उपराज्यपाल ने कहा कि सुनियोजित तरीके से दिल्ली के मुख्यमंत्री और उनके सहयोगी लोगों के खिलाफ झूठे आरोप लगाते हैं और उनकी सार्वजनिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाते हैं। वहीं, जब दोषी पाए जाते हैं तो बेशर्मी से माफी मांगते हैं। इसके उदाहरण के लिए उपराज्यपाल ने पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और पंजाब के पूर्व मंत्री विक्रमजीत सिंह मजीठिया मामले का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन मामलों में आरोप गलत साबित होने पर केजरीवाल माफी मांग चुके हैं।
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