Delhi Blast: आरोपी मुजम्मिल और डॉ शाहीन के रिश्तों को लेकर हुआ बड़ा खुलासा, NIA के अधिकारियों का चकराया माथा
Delhi Blast: दिल्ली में लाल किले के पास मेट्रो स्टेशन के पास हुए कार ब्लास्ट मामले में एक नया खुलासा हुआ है। जिसके बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के अधिकारियों का भी माथा चकरा गया है। याद रहे दिल्ली कार ब्लॉंस्ट मामले में अब तक सात लोगों को अरेस्ट किया जा चुका है। इनमें गिरफ्तार आरोपी मुजम्मिल अहमद गनई ने जांच एजेंसियों के सामने सह-आरोपी डॉ. शाहीन शाहिद के साथ अपने रिश्ते को लेकर ये खुलासा किया है।
गिरफ्तार आरोपी मुजम्मिल अहमद गनई ने जांच एजेंसियों को बताया है कि सह-आरोपी डॉ. शाहीन शाहिद उसकी पत्नी है, न कि प्रेमिका जैसा कि पहले माना जा रहा था। गनई ने दावा किया है कि दोनों ने सितंबर 2023 में औपचारिक रूप से शादी कर ली थी।

मुजम्मिल ने डॉ शाहीन से मज्जिद में किया था निकाह
बता दें अब तक शाहीन को मुजम्मिल की प्रेमिका माना जा रहा था, लेकिन कानूनी दस्तावेजों में मुजम्मिल ने शाहीन को अपनी पत्नी बताया है। मुजम्मिल ने खुलासा किया कि उनका निकाह सितंबर 2023 में हरियाणा की अल-फलाह यूनिवर्सिटी के पास एक मस्जिद में हुआ था। शरीयत के अनुसार, मेहर की रकम 5 से 6 हजार रुपये तय की गई थी।
ये खुलासा एनआईए के लिए क्यों है अहम?
याद रहे डॉ शाहीन पर आरोप है कि उसने 2023 में मुजम्मिल को हथियार खरीदने के लिए लगभग 6.5 लाख रुपये दिए थे। इस खुलासे के बाद NIA को यह समझने में मदद मिली है कि शाहीन ने आतंकी मॉड्यूल को इतनी बड़ी रकम क्यों और कैसे ट्रांसफर की।
मुजम्मिल और शाहीन ने क्यों छिपाया रिश्ता?
एजेंसियों को संदेह है कि मुजम्मिल और शाहीन के निकाह का रिश्ता छिपाने के पीछे कोई बड़ी वजह हो सकती है। निकाह के बावजूद, दोनों ने कभी साथ रहने या पति-पत्नी के रूप में खुद को सामने लाने की कोशिश नहीं की। जांच अधिकारियों का मानना है कि इस रिश्ते की आड़ में आतंकी मॉड्यूल को फंडिंग करना आसान हो गया था, क्योंकि पति-पत्नी के बीच पैसे का लेन-देन अक्सर संदेह के दायरे में नहीं आता है।
ब्लास्ट में इस्तेमाल कार खरीदने के लिए शाहीन ने दी थी रकम
गौरतलब है कि डॉ शाहीन पर आरोप है कि 2024 में उसने हमलावर उमर उन नबी को फोर्ड इकोस्पोर्ट कार खरीदने के लिए 3 लाख रुपये उधार दिए, जिसका इस्तेमाल बाद में विस्फोट में किया गया था। कुल मिलाकर, शाहीन पर आतंकी मॉड्यूल को हथियार और विस्फोटक खरीदने के लिए 27-28 लाख रुपये मुहैया कराने का संदेह है।
डॉ शाहीन ने बोला था ये झूठ
हालांकि, पूछताछ के दौरान शाहीन ने कथित तौर पर जांचकर्ताओं को बताया कि यह पैसा "जकात" (धार्मिक दान) के लिए था, न कि आतंकवाद की फंडिंग के लिए।
दिल्ली ब्लॉस्ट मामले में NIA ने की सातवीं गिरफ्तारी
गौरतलब है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), जो 10 नवंबर के धमाके के पीछे की साजिश की जांच कर रही है, उसने अपनी सातवीं गिरफ्तारी की है। फ़रीदाबाद के धौज निवासी सोयब को कथित तौर पर हमलावर उमर उन नबी को पनाह देने और हमले से ठीक पहले लॉजिस्टिक सहायता प्रदान करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।












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