Delhi: पीएम मोदी दिल्ली को देंगे तोहफा, वर्ल्ड ट्रेड सेंटर का उद्घाटन, वीर सावरकर कॉलेज की रखेंगे आधारशिला
Delhi Assembly Elections 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 जनवरी को दिल्ली में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और आधारशिला रखेंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य राजधानी के वाणिज्यिक, आवासीय और शैक्षिक बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाना है।
वर्ल्ड ट्रेड सेंटर का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नौरोजी नगर में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर का उद्घाटन करेंगे। जो 600 पुराने क्वार्टरों के स्थान पर बनाया गया है। यह अत्याधुनिक वाणिज्यिक टावर लगभग 34 लाख वर्ग फीट प्रीमियम वाणिज्यिक स्थान प्रदान करेगा। इस परियोजना में सौर ऊर्जा, वर्षा जल संचयन, और शून्य-निर्वहन प्रणाली जैसी हरित भवन सुविधाओं को शामिल किया गया है। यह पहल शहरी विकास में स्थिरता और पर्यावरण अनुकूलता की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।

आवास परियोजनाएं, झुग्गी निवासियों के लिए बेहतर जीवन
प्रधानमंत्री अशोक विहार में स्वाभिमान अपार्टमेंट के तहत 1,675 नए फ्लैटों की चाबियां लाभार्थियों को सौंपेंगे। यह परियोजना दिल्ली विकास प्राधिकरण के इन-सीटू स्लम रिहैबिलिटेशन प्रोजेक्ट का हिस्सा है। जिसका उद्देश्य झुग्गी निवासियों की जीवन गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। प्रत्येक फ्लैट की कुल लागत 25 लाख रुपए है। जिसमें से लाभार्थियों को केवल 7 प्रतिशत भुगतान करना होगा। यह किफायती आवास में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
शैक्षिक बुनियादी ढांचे का विस्तार
प्रधानमंत्री दिल्ली विश्वविद्यालय के लिए 600 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे। जिसमें सूरजमल विहार में पूर्वी परिसर, द्वारका में पश्चिमी परिसर, वीर सावरकर कॉलेज का विकास शामिल है। इनमें आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं होंगी। इन परियोजनाओं का उद्देश्य शैक्षणिक सुविधाओं को उन्नत कर बेहतर शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना है।
जीपीआरए टाइप-II क्वार्टर
प्रधानमंत्री नौरोजी नगर और सरोजिनी नगर में जनरल पूल रेजिडेंशियल एकोमोडेशन टाइप-II क्वार्टर का निरीक्षण करेंगे। इसमें 2,500 से अधिक इकाइयों वाले 28 टावर। वर्षा जल संचयन और सौर ऊर्जा से चलने वाले अपशिष्ट कम्पेक्टर जैसी विशेषताएं हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य आवासीय क्षेत्रों को अधिक टिकाऊ और कुशल बनाना है।
दिल्ली के लिए व्यापक विकास योजना
इन परियोजनाओं का उद्देश्य दिल्ली के वाणिज्यिक, आवासीय और शैक्षिक परिदृश्य को आधुनिक बनाना है। हरित भवन सिद्धांतों को अपनाने से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। झुग्गी निवासियों और छात्रों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित कर सामाजिक कल्याण का दृष्टिकोण स्पष्ट होता है।
प्रधानमंत्री मोदी की यह पहल दिल्ली के बुनियादी ढांचे को भविष्य के अनुरूप बनाने और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम को दर्शाती है।












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