दिल्ली चुनाव के लिए केजरीवाल का मास्टर प्लान! BJP को पीछे छोड़ AAP निकली आगे, क्या है वजह?
Delhi Politics: आम आदमी पार्टी (AAP) ने आगामी दिल्ली विधानसभा चुनावों में सभी सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा चुनाव से काफी पहले कर दी है। इसके विपरीत, मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने फरवरी में होने वाले चुनावों के लिए अभी तक किसी भी उम्मीदवार के नाम की लिस्ट को अंतिम रूप नहीं दिया है।
AAP की रणनीति यह है कि अन्य पार्टियों द्वारा अपने उम्मीदवारों की घोषणा करने से पहले उनके उम्मीदवारों को मतदाताओं से जुड़ने का मौका दिया जाए। आम आदमी पार्टी स्वयंसेवकों को शामिल करते हुए एक अनूठी अभियान रणनीति लागू कर रही है।

वे अरविंद केजरीवाल की पहलों पर चर्चा करने के लिए दिल्ली भर में प्रतिदिन 2,000 बैठकें आयोजित कर रहे हैं। लक्ष्य चुनाव के दिन से पहले 65,000 बैठकें आयोजित करना है। ये सभाएं उम्मीदवारों के जनसंपर्क प्रयासों से अलग हैं।
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कैंडिडेट्स लिस्ट जारी करने में AAP ने दिखाई तेजी
यह चुनाव 2013 और 2015 के पिछले चुनावों से अलग है, क्योंकि AAP ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा पहले ही कर दी है और प्रचार अभियान भी तुरंत शुरू कर दिया है। पार्टी का लक्ष्य हर इलाके में जल्दी से जल्दी लोगों को जोड़कर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराना है। यह तरीका इसलिए बनाया गया है ताकि अन्य पार्टियों के अभियान शुरू करने से पहले ही गति पकड़ी जा सके।
BJP पर केजरीवाल का निशाना
इन तैयारियों के बीच AAP के संयोजक पिछले पांच सालों में भाजपा की उपलब्धियों पर सवाल उठा रहे हैं। वह भाजपा पर विकास के मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय केजरीवाल पर व्यक्तिगत हमले करने पर ध्यान केंद्रित करने का आरोप लगा रहे हैं।
AAP की अलग रणनीति
AAP की उम्मीदवार चयन प्रक्रिया ने भी लोगों का ध्यान खींचा है। शुरू में लगा कि पार्टी पिछली सूचियों में कुछ विधायकों के टिकट काटकर जनता के असंतोष को दूर कर रही है। लेकिन रविवार को जारी 38 उम्मीदवारों की ताजा लिस्ट में सिर्फ एक विधायक का टिकट काटा गया, जो अलग रणनीति का संकेत माना जा रहा है।
चढ़ा दिल्ली का सियासी पारा
दिल्ली में राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। पार्टियां चुनाव की तैयारी कर रही हैं। AAP के उम्मीदवारों की जल्द घोषणा और रणनीतिक प्रचार अभियान मतदाताओं की भावनाओं को काफी हद तक प्रभावित कर सकते हैं। पर्यवेक्षक उत्सुकता से देख रहे हैं कि ये घटनाक्रम दिल्ली में चुनावी परिदृश्य को कैसे आकार देंगे। चुनाव के दिन नजदीक आते ही इन रणनीतियों के नतीजे और भी स्पष्ट हो जाएंगे।
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