Delhi AQI Today: भूल से भी न करें दिल्ली के इन इलाकों का रुख! चेक करें कहां कितना बढ़ा पॉल्यूशन
Delhi AQI Today: दिल्ली में आज सुबह से ही हर तरफ घना कोहरा और धुंध छाई है, जिससे सांस लेना मुश्किल हो गया। सुबह 7 बजे एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 390 था, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। यह प्रदूषण का स्तर 'गंभीर' यानी सबसे खतरनाक स्तर के बेहद करीब पहुंच गया है। इससे पहले, शुक्रवार शाम को दिल्ली का औसत AQI 349 ('बहुत खराब') दर्ज किया गया था।
शनिवार सुबह 8 बजे राजधानी के कई बड़े इलाकों में हवा की क्वालिटी 400 के पार चली गई, जो 'गंभीर' श्रेणी में आता है। CPCB के अनुसार, वज़ीरपुर में AQI 445, जहांगीरपुरी में 442, विवेक विहार में 442 और रोहिणी में 436 रिकॉर्ड किया गया।

एक्सपर्ट ने आशंका जताई है कि आने वाले दिनों में भी प्रदूषण का स्तर 'बहुत खराब से गंभीर' के बीच बना रहेगा। दिल्ली से सटे NCR के शहरों में भी हवा की गुणवत्ता खराब रही; नोएडा में AQI 448 के साथ स्थिति सबसे खराब थी, जबकि गुरुग्राम में 317, मेरठ में 368, और फरीदाबाद (सेक्टर 11) में 351 AQI दर्ज किया गया।
दिल्ली के विभिन्न इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI)
- वज़ीरपुर: 445 (गंभीर/Severe)
- बवाना: 428 (गंभीर/Severe)
- रोहिणी: 436 (गंभीर/Severe)
- आनंद विहार: 436 (गंभीर/Severe)
- मुंडका: 426 (गंभीर/Severe)
- जहांगीरपुरी: 442 (गंभीर/Severe)
- विवेक विहार: 442 (गंभीर/Severe)
- चांदनी चौक: 419 (गंभीर/Severe)
- नरेला: 431 (गंभीर/Severe)
- आईटीओ (ITO): 425 (गंभीर/Severe)
प्रदूषण के लिए ज़िम्मेदार कारक
डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (DSS) के आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार को दिल्ली में हवा को गंदा करने में सबसे बड़ा योगदान परिवहन (गाड़ियों) का था, जिसका योगदान 16.5 प्रतिशत रहा। इसके बाद निर्माण कार्य (2.2 प्रतिशत) और कचरा जलाने (1.4 प्रतिशत) का योगदान रहा।
इस समस्या से निपटने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने एक विशेषज्ञ पैनल बनाया है। इस कमेटी का नेतृत्व आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर अशोक झुंझुनवाला करेंगे और इसका मुख्य फोकस वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने की रणनीति पर होगा। यह कमेटी दो महीने में अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगी।












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